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महर्षि नगर में रावण वध के साथ गूंजा सत्य की विजय का संदेश, असत्य और अहंकार के अंत का मंचन

नोएडा। सेक्टर-110 स्थित महर्षि नगर में आयोजित दुर्गा पूजा एवं श्रीरामलीला महोत्सव में सोमवार को राम-रावण युद्ध और रावण वध का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के हाथों रावण के वध के साथ ही मेला परिसर सत्य की विजय और अधर्म के अंत के संदेश से गूंज उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे।

रावण वध का दृश्य देखने के लिए महर्षि नगर मेला परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुटी। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ इस प्रसंग को देखा। मेले में लगी दुकानों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही। धार्मिक आस्था, उत्साह और उल्लास से पूरा परिसर जीवंत नजर आया।

रामलीला ने दिया सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश

राम-रावण युद्ध का मंचन केवल पौराणिक कथा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, ईमानदारी और नैतिकता के महत्व को समझने का संदेश भी देता है। यह प्रसंग बताता है कि व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली, धनवान या प्रभावशाली क्यों न हो, यदि वह अहंकार, अन्याय और छल का रास्ता अपनाता है तो अंततः उसका पतन निश्चित है। इसके विपरीत सत्यनिष्ठा, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों के बल पर आगे बढ़ सकता है।

महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, वेदपाठ, भजन-कीर्तन, प्रवचन और आरती सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह के वैदिक अनुष्ठानों से लेकर शाम के भक्ति संगीत और रामलीला के मंचन तक महर्षि नगर का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने का प्रयास

आयोजकों के अनुसार, दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं श्रीरामलीला महोत्सव का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को सत्य, त्याग, सेवा, कर्तव्य, मर्यादा और पारिवारिक मूल्यों की प्रेरणा देने का प्रयास किया जा रहा है।

कुंभकर्ण, मेघनाद और अहिरावण वध जैसे प्रसंग अधर्म और शक्ति के दुरुपयोग के परिणामों को सामने लाते हैं। वहीं, सुलोचना और मंदोदरी के संवाद युद्ध की विभीषिका, परिवारों की पीड़ा और मानवीय संवेदनाओं को उजागर करते हैं।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

ए.के. लाल, मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस अवसर पर महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष एवं महर्षि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव तथा राहुल भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहे।

महोत्सव के संयोजक रामेंद्र सचान के साथ शिशिर श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

सामाजिक जीवन में भी प्रासंगिक है रावण वध का संदेश

रावण वध का संदेश आज के सामाजिक जीवन में भी प्रासंगिक है। ईमानदारी परिवार, समाज और राष्ट्र की मजबूती का आधार है। अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना, सच का साथ देना और अन्याय के विरुद्ध खड़े होना ही रामकथा की वास्तविक सीख है।

विजयादशमी का पर्व व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लालच, छल और बेईमानी जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। महर्षि नगर में आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का संगम बन रहा है। रामलीला के मंचन के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचा कि वास्तविक विजय केवल किसी विरोधी को पराजित करने में नहीं, बल्कि अपने आचरण को सत्यनिष्ठ, न्यायपूर्ण और मर्यादित बनाने में है।


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