
ब्रह्माकुमारीज में महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को करेंगे धारणाओं का उपहार समर्पितl
महाशिवरात्रि के दिन विकारों रूपी विष को भगवान शिव पर चढ़ाएं: ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
मस्तूरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मस्तूरी द्वारा महाशिवरात्रि महोत्सव इस वर्ष 87वीं शिवजयन्ती के रूप में मनाया जा रहा है। भोलेनाथ शिव बाबा को धारणाओं का उपहार देने हेतु 29 जनवरी से 18 फरवरी तक ‘माय गिफ्ट टू गॉड’ थीम पर पूरे ज़ोन में स्व-उन्नति के कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। राजयोग शिक्षिका ब्रम्हाकुमारी शशिप्रभा ने बताया कि इस अवसर पर मस्तूरी ग्राम वासियों को संबोधित करने हेतु
टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी उपस्थित रहे उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान शिव हम सभी के परमपिता हैं और हम उनके बच्चे हैं ,लेकिन उनका संपूर्ण वारिस होने के लायक बनने में हमारी ही कुछ कमियां बाधक हैं और वर्तमान संगमयुग पर भगवान भोलेनाथ हमसे वही विकारों रूपी विष ही तो मांगने आए हैं। इन्हीं विकारों रूपी विष के स्थान पर हमने भक्ति में विषैले पुष्प के रूप में अॅक व धतूरे के पुष्प भगवान पर अर्पित किए हैं । महाशिवरात्रि भगवान का अवतरण दिवस है। जैसे जन्मदिन पर उपहार दिया जाता है ऐसे ही बाबा भोलेनाथ को गिफ्ट देने के लिए 6 प्रकार के अभ्यास बनाए गए हैं।
दीदी ने बतलाया कि सबसे पहले है साक्षी भाव। यह संसार एक रंगमंच है और सभी उसमें अभिनय कर रहे हैं और सभी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। हर कोई निर्दोष है। दूसरा है निरहंकारी बनना। हमारे अंदर के गुण व विशेषताएं परमात्म देन हैं इसलिए हर कार्य निमित्त बनकर करें। तीसरा है हर एक को दुआएं देना। जैसे पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने हर स्थिति में हर एक को दुआ देकर आगे बढ़ाया ऐसे ही हम सभी को भी सभी के प्रति दिल से दुआ देना चाहिए।
चौथे अभ्यास के रूप में हर आत्मा के प्रति दैहिक भाव, दृष्टि न रखते हुए आत्मिक प्रेम का भाव व दृष्टि रखनी चाहिए। पांचवे अभ्यास के रूप में एक ईश्वर पर भरोसा और एक बल रखना है किसी से भी अपेक्षा नहीं रखनी है और छठवां अभ्यास कि बीती बातों को चिन्तन में नहीं लाना है पूर्ण विराम लगा देना l उपस्थित परमात्मा स्नेही समस्त साधकों ने संकल्पों को चरितार्थ करने का दृढ़ निश्चय एवं संकल्प लिया तत्पश्चात ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी, ब्रम्हाकुमारी ज्ञाना बहन ब्रम्हाकुमारी शशिप्रभा सभी ने शिव ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन कियाl अंत में सभी को ईश्वरीय प्रसाद बांटा गयाl
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