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गुण्डा एक्ट के आरोप से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का छात्र नेता हुआ दोषमुक्त

वाराणसी समाज जागरण

वाराणसी। गुण्डा एक्ट के मामले में आरोपित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी। न्यायालय अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट ने काशी जोन अंतर्गत सिगरा थाना क्षेत्र के निराला नगर, महमूरगंज निवासी काशी विद्यापीठ के छात्र नेता उत्कर्ष त्रिपाठी को गुण्डा एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अदालत में आरोपित की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह व अमनदीप सिंह ने पक्ष रखा। प्रकरण के अनुसार थाना प्रभारी सिगरा ने 25 मई 2023 को पुलिस उपायुक्त काशी जोन को आख्या दी थी। आरोप था कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जानकारी हुई कि वाराणसी सिगरा थाना क्षेत्र के निराला नगर, महमूरगंज निवासी उत्कर्ष त्रिपाठी एक शातिर अपराधी है। यह लोग स्वयं या अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। इसके साथ ही अपने व अपने गिरोह के आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए आएदिन मारपीट कर लोगों में दहशत कायम करते है। इनके भय से इनके खिलाफ कोई गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाता है।

सिगरा थाना प्रभारी के आख्या के आधार पर अपर पुलिस आयुक्त ने आरोपित को गुण्डा एक्ट में निरुद्ध किया था। अदालत में विचारण के दौरान आरोपित के अधिवक्ताओं विकास सिंह व अमनदीप सिंह ने अपनी दलील दिया कि जिस मुकदमों का आधार बनाकर उसके ऊपर गुंडा एक्ट लगाये जाने की बात कही जा रही है, उस मुकदमे में वह जमानत पर है। साथ ही उक्त मुकदमे के अलावा कोई भी अपराधिक इतिहास नहीं है। वह एक संभ्रांत नागरिक है और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का छात्र नेता है। पुलिस मात्र रंजिशवश उसे आरोपित बना दी है। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने व पत्रावली के अवलोकन के बाद आरोपित छात्र नेता उत्कर्ष त्रिपाठी को साक्ष्य के आभाव में दोषमुक्त कर दिया।


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