एन ओ यू के पूर्व कुलसचिव सह यू.आर काॅलेज,रोसड़ा के प्रधानाचार्य डाॅ घनश्याम राय से शुक्रवार को पटना में शिष्टाचार मुलाकात
पटना।
शुक्रवार को यूआर कॉलेज, रोसड़ा,समस्तीपुर के प्रभारी प्रधानाचार्य तथा पूर्णिया एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ घनश्याम राय से संयोगवश नालंदा खुला विश्वविद्याशलय के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार, कुलसचिव प्रोफेसर समीर कुमार शर्मा, वित्त पदाधिकारी अवधेश कुमार पांडेय, आईटी कोऑर्डिनेटर डॉ अमरनाथ पांडेय, कुलपति के निजी सचिव मोहम्मद शरफराज आलम एवं अन्य कर्मियों से पटना के गांधी मैदान स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में भेंट हुई।
यूजीसी से नालंदा खुला विश्वविद्यालय में पंद्रह स्नातकोत्तर विषयों के नामांकन हेतु वर्तमान सत्र में मान्यता मिलने के बाद शेष बारह विषयों में नामांकन शुरू करने के लिए शुल्क जमा करने सभी पदाधिकारीगण आए थे। छुट्टी के दिन भी नालंदा खुला विश्वविद्यालय के अस्तित्व को बचाने के लिए तमाम वरीय पदाधिकारी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
विदित हो कि नालंदा खुला विश्वविद्यालय अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। पूर्व पदाधिकारियों ने नालंदा खुला विश्वविद्यालय की स्थापना की तथा 117 पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन सामग्री तैयार कर जन जन को उपलब्ध कराया। वर्तमान कार्यकारी कुलपति माननीय प्रोफेसर संजय कुमार के अथक बौद्धिक एवं तकनीकी प्रयासों के कारण नालंदा खुला विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा पुनः स्थापित हो रही है।
माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार ने यू आर कॉलेज, रोसड़ा के प्रभारी प्रधानाचार्य डाॅ घनश्याम राय को मौखिक आश्वासन दिया कि जिस स्टडी सेंटर पर चार सो से ज्यादा नामांकन होगा,वहां काउंसिल क्लास और होम परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा।
विदित हो, डाॅ राय जब नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलसचिव थे उस समय भी परीक्षा केंद्र प्रमंडल और जिला स्तर पर आयोजित करने पर सहमति बनी थी । परन्तु डाॅ राय के पूर्णिया विश्वविद्यालय में स्थानांतरण के बाद प्रमंडल और जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र स्थापित करने के निर्णय को लागू नहीं किया गया। वर्तमान पदाधिकारीगण चाहें तो नालंदा खुला विश्वविद्यालय की स्थापना के उद्देश्यों को जन जन तक पहुंचा सकते हैं।
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