हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मंत्रिमंडल सहित इस्तीफा देने के बाद से हरियाणा की राजनीति में अचानक भूचाल आ गया है. बीजेपी ने जननायक जनता पार्टी- जेजेपी से गठबंधन तोड़कर नई सरकार बनाने का दावा किया है. हरियाणा को लेकर बीजेपी ने अभी तक लोकसभा के प्रत्याशियों की घोषणा भी नहीं की है. चर्चा है कि मनोहर लाल राज्य की राजनीति छोड़ अब केंद्र में पैठ जमाएंगे. यह भी चर्चा है कि मनोहर लाल को बीजेपी करनाल लोकसभा से टिकट दे सकती है. इन कयासों के बीच करनाल सीट एकदम सुर्खियों में आ गई है. हालांकि यह भी दावा किया जा रहा है कि मनोहर लाल फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे. वैसे संजय भाटिया और नायाब सैनी का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए उछल रहा है.
हरियाणा में 10 लोकसभा सीट हैं और सभी पर बीजेपी का परचम लहरा रहा है. इस बार लोकसभा चुनावों में बीजेपी और जेजेपी के बीच सीट बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. जेजेपी भिवानी-महेंद्रगढ़ और हिसार लोकसभा सीट मांग रही थी. लेकिन बीजेपी केवल इनमें से केवल एक सीट देने की बात कर रही थी. इसी बात को लेकर दोनों दलों का पिछले साढ़े चार साल से चला आ रहा गठबंधन टूट गया.
रणनीति का हिस्सा
हरियाणा में हमेशा से जाट राजनीति हावी रही है. बताया जा रहा है कि बीजेपी और जेजेपी गठबंधन में टूट भी एक रणनीति का हिस्सा हो सकता है. क्योंकि दोनों ही दल जाट मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष में लाने की कवायद में जुटे हैं. क्योंकि बीजेपी को जाट समुदाय का पूरा समर्थन नहीं मिल रहा है. कहा जा रहा है कि चुनावों के बाद फिर से गठबंधन किया जा सकता है. ये सब जाटों के वोट हासिल करने की कवायद है
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