खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिका में हत्या की साजिश रचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अमेरिका द्वारा इस मुद्दे पर एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार करने के बाद इस संबंध में भारत सरकार से संपर्क किया गया है. इसे लेकर भारतीय खुफिया सूत्रों की तरफ से सफाई दी गई है. कहा गया कि भारत और अमेरिकी राजनयिक एक-दूसरे के साथ नियमित संपर्क में हैं और कई मुद्दों पर खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं. किसी भारतीय की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका द्वारा जानकारी दिया जाना इसी सूचना-साझाकरण का हिस्सा था.
न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी मैथ्यू जी ऑलसेन ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 52 वर्षीय निखिल गुप्ता पर आरोप है कि उसने निज्जर की कांट्रैक्ट किलिंग की सुपारी दी थी. इस अपराध में अधिकतम 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है. किराये के बदले हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है, जिसमें अधिकतम 10 साल जेल हो सकती है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि गुप्ता न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले सिख अलगाववादी नेता को मारने के लिए एक हत्यारे को 100,000 डॉलर देने पर सहमत हुआ था
‘भारत के सबूतों पर होना चाहिए था एक्शन’
भारत के एक खुफिया अधिकारी ने न्यूज18 से कहा, ‘“यह गिरफ्तारी निरर्थक है क्योंकि अमेरिकी अचानक इसे सरकारी भूमिका से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हम पन्नू के खिलाफ सबूत अमेरिका के साथ साझा करते रहे हैं. सबूतों पर उनकी प्रतिक्रिया त्वरित होनी चाहिए थी. जब वह भारतीय प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को दैनिक आधार पर धमकी देता है तो वे चुप रहते हैं.’ अधिकारी ने कहा, ‘अमेरिकियों के आरोप चिंता का विषय हैं और हम आपसी सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी पक्ष ने संगठित अपराधियों, बंदूक चलाने वालों और आतंकवादियों के बीच सांठगांठ से संबंधित कुछ इनपुट साझा किए हैं और भारत ऐसे इनपुट को गंभीरता से लेता है क्योंकि वे हमारे राष्ट्रीय
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