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*रात में यहां नशेड़ी-गंजेड़ी आ जाते हैं तो दिनभर मवेशी बैठे रहते हैं. ऐसे में बच्चे हर वक्त डर और गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं.*
दैनिक समाज जागरण
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बांका:-ब्यूरो रिपोर्ट
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बाराहाट। एक ओर शिक्षा सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है तो दूसरी ओर बांका के स्कूलों की हालत खस्ता है. संसाधनों के अभाव से जूझ रहे स्कूलों में रात में नशेड़ियों का अड्डा बना रहता है. स्कूल के बाद गांववाले अपने मवेशी भी स्कूल परिसर में बांध जाते हैं. ऐसे में बच्चे पढ़ाई करें, या गंदगी समेटें.
सर्व शिक्षा अभियान को लेकर केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारें गंभीर होने का दावा करती हैं लेकिन स्कूलों पर एक नजर डालना इन दावों की धज्जियां उड़ा देता है. जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर मध्य विद्यालय के हाल बेहाल हैं. स्कूल का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. हालत ऐसी है कि दीवारें कभी भी ढह सकती हैं. ऐसे में बच्चे और शिक्षक डर के साये में पढ़ने-पढ़ाने को मजबूर हैं.
स्कूल भवन की बाउंड्री टूट गई है. इससे रात में यहां नशेड़ी-चरसी जमा होते हैं. इन हालातों में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता. आसपास के लोग बारिश, धूप से बचाने के लिए स्कूल परिसर में ही अपने मवेशी बांध जाते हैं. पूरे दिन गंदगी में बैठने और पढ़ने को बच्चे मजबूर हैं. स्कूली बच्चों के बीच संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बना रहता है.
मालूम हो बाराहाट प्रमुख खुशबू कुमारी का आवास स्कूल के बगल में स्थित है. फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से समस्याओं का जिक्र किया लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
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