समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। मुंशी प्रेमचंद का जीवन समाज के व्यवहारिक जीवन मे दिन- प्रतिदिन होने वाली आम घटनाओं और घसीटती जीवनशैली को उकेरने और बेहतर दिशा देने की वकालत अपनी उपन्यास ,कहानी, नाटक ,लेख सहित रचनाओं के द्वारा दिया। संवैधानिक मूल्यों सहित नैतिक मूल्यों की आवाज उठाई।
सेवासदन,निर्मला, गोदान ,गबन ,बड़े घर की बेटी ,नमक का दरोगा, कफ़न ,रंगभूमि,पूस की रात,पंचपरमेश्वर ,बूढ़ी काकी व दो बैलों की कथा समेत अन्य रचनाओं से बहुत बड़ा संदेश देकर वर्तमान समाज को सजगता प्रदान की।
हरहुआ स्थित राजेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज में आज प्रातः कथा ,नाटक तथा उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेम चंद की 144 वी जयंती पर वक्ताओ ने अपने विचार परिचर्चा में व्यक्त की।
इस अवसर पर छात्र/छात्राओं ने मुंशी प्रेम चंद का चित्र बनाकर उनके जीवंत को उजागर किया l इस अवसर पर अध्यापिका मंजू सिंह ने सोहर गीत गाकर उनके जीवंतता को सार्थक बनाने का प्रयास किया l छात्रों मे शुभम सिंह,आयुष मौर्या, मानसी गौरव, सूरज सिंह ,वीर सिंह ने अपने विचार व्यक्त किया l
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक कौशलेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि मुंशी प्रेमचन्द जी का जीवन साहित्य को समर्पित रहा l कथा साहित्य में युगांतकारी परिवर्तन करके एक नए युग की शुरुआत किया है l
उन्होंने छात्रों से कहा कि आज उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को ध्यान में रखकर उनके आदर्शों से सबक सीखें ताकि जीवन मूल्यों की सार्थकता को सुखद अनुभूति के साथ जी सके l
इस अवसर पर डॉ0 सीमा सिंह, डॉ0 सर्वदेव सिंह, प्रधानाचार्य संतोष विश्वकर्मा, निशा उपाध्याय, अश्वनी दुबे, प्रेमा सिंह ,कुलदीप सिंह, मनोज यादव,स्नेहलता पांडेय ने मुंशी प्रेमचंद को नमन कर अपना विचार व्यक्त कियाl
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने चित्रों, पेंटिंग के जरिये अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। अच्छे चित्रकार व पेंटिंग के कलाकार बच्चों को प्रोत्साहन समेत पुरष्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अशोक कुमार सिंह ने किया l
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