*दृष्टि श्रीवास्तव के प्रभावशाली अभिनय और कलाकारों की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन, ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजा पंडाल**
**नोएडा।** गोल्फ सिटी, प्लॉट-8, सेक्टर-75 में आयोजित श्री दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतर्गत मां दुर्गा के दिव्य प्राकट्य एवं महिषासुर वध पर आधारित भव्य संगीतमय नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। कलाकारों ने संगीत, नृत्य और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मां दुर्गा के प्राकट्य से लेकर महिषासुर वध तक की पौराणिक गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा पंडाल ‘जय माता दी’ और ‘मां दुर्गा की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।

नाटिका में दिखाया गया कि किस प्रकार समस्त देवताओं ने अपनी-अपनी दिव्य शक्तियां प्रदान कर मां दुर्गा के प्राकट्य का मार्ग प्रशस्त किया। इसके बाद देवताओं ने मां को दिव्य अस्त्र-शस्त्र अर्पित किए। मां दुर्गा की भूमिका निभा रहीं दृष्टि श्रीवास्तव ने अपने सशक्त अभिनय, भावपूर्ण मुद्राओं और ऊर्जावान नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटिका के अंतिम दृश्य में मां दुर्गा की नौ शक्तियों और महिषासुर के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। अंततः महिषासुर वध के साथ अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
नाटिका की लेखनी प्रभुदयाल गुप्ता ने की, जबकि निर्देशन एवं मार्गदर्शन नीरा गुप्ता का रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ बाल कलाकारों आश्वी आद्या, अक्षिता, तुर्वस, कविश और भव्य की प्रस्तुति से हुआ। तुर्वस कपूर ने मां दुर्गा के सिंह की भूमिका में विशेष प्रभाव छोड़ा। भगवान शिव की भूमिका में बी.के. अवस्थी, भगवान विष्णु के रूप में पी.डी. गुप्ता तथा भगवान ब्रह्मा की भूमिका में जी.सी. गोयल ने प्रस्तुति को गरिमा प्रदान की।
देवराज इंद्र की भूमिका में सुरिंदर कौर तथा देवताओं के रूप में सुधा गोयल, अनीता, नीलम, वीणा सक्सेना और वेरोनिका ने अभिनय किया। महिषासुर की भूमिका में सुमीता मिश्रा ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। पूजा और गरिमा ने भी आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। मां दुर्गा की विभिन्न शक्तियों के रूप में वर्षा, कीर्ति, अर्चना झा, सिम्मी श्रीवास्तव, नेहा, मधु, नीतू, सुमिता गुप्ता और सुनीता ने उत्कृष्ट भरतनाट्यम प्रस्तुति दी। वैशाली जिंदल ने कार्यक्रम का संचालन किया। विक्की चावला और मनोज चौहान के मधुर संगीत ने नाटिका को और प्रभावशाली बनाया।
सोसाइटी निवासी डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि यह प्रस्तुति केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और नारी शक्ति का सशक्त प्रतीक थी। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की गाथा यह संदेश देती है कि अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य, धर्म और सदाचार की ही होती है।
डॉ. शर्मा ने आयोजन को सफल बनाने के लिए कलाकारों के समर्पण, आयोजकों के प्रयासों और दर्शकों की श्रद्धा की सराहना की। ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारों के बीच संपन्न हुई इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों के मन में भक्ति और श्रद्धा की अमिट छाप छोड़ी।
**स्रोत: डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा, निवासी गोल्फ सिटी, प्लॉट-8, सेक्टर-75, नोएडा।**
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