नोएडा। सेक्टर-62 स्थित रामलीला मैदान में श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला के चौथे दिन भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ने और माता सीता के स्वयंवर का भव्य मंचन किया गया। शिव धनुष टूटते ही पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद भगवान श्रीराम और माता सीता ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, महामंडलेश्वर स्वामी नवल किशोर दास जी महाराज, स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज, नोएडा महानगर संघचालक दिनेश गोयल, एनपी सिंह और कवि राजपाल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल और महासचिव डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर तथा अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया।
शिव धनुष नहीं उठा सके रावण और बाणासुर
मंचन के दौरान राजा जनक ने माता सीता के स्वयंवर में पहुंचे राजाओं और योद्धाओं का स्वागत किया। इसके बाद शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने की चुनौती दी गई। रावण और बाणासुर समेत अनेक शक्तिशाली योद्धाओं ने धनुष उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई उसे हिला तक नहीं सका। इससे राजा जनक व्याकुल हो उठे और उन्होंने कहा कि लगता है पृथ्वी वीरों से खाली हो गई है।
राजा जनक की बात सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो उठे। उन्होंने कहा कि यदि श्रीराम आज्ञा दें तो वह धनुष ही नहीं, पूरे ब्रह्मांड को हिला सकते हैं। भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को शांत कराया। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम उठे और शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। धनुष टूटते ही जनकपुर में खुशी की लहर दौड़ गई और माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी। देवताओं, ऋषियों और मुनियों ने पुष्प वर्षा कर इस दिव्य प्रसंग का अभिनंदन किया।
परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां
शिव धनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम जनक दरबार पहुंचे। धनुष टूटा देखकर वे क्रोधित हो उठे और उसे तोड़ने वाले के बारे में पूछने लगे। इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ। मंचन के दौरान दोनों के संवादों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। अंत में परशुराम जी को भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप का ज्ञान हुआ। उन्होंने श्रीराम से क्षमा मांगी और महेंद्र पर्वत के लिए प्रस्थान किया। इसके साथ ही स्वयंवर प्रसंग का समापन हुआ।
15 अक्टूबर को निकलेगी श्रीराम बारात शोभायात्रा
समिति के महासचिव डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि 15 अक्टूबर को श्रीराम बारात शोभायात्रा, राजा जनक द्वारा बारात का स्वागत, श्रीराम-सीता विवाह और माता सीता की विदाई सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।



उन्होंने बताया कि श्रीराम बारात शोभायात्रा दोपहर एक बजे सेक्टर-20 स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होगी। यात्रा सेक्टर-20 और सेक्टर-26 गेट, डीएम चौराहा, टेलीफोन एक्सचेंज, हरौला तथा सेक्टर-9, 10, 11, 12, 55 और खोड़ा लेबर चौक से होते हुए सेक्टर-62 स्थित रामलीला मैदान पहुंचेगी। रामलीला स्थल पर राजा जनक की ओर से बारात का स्वागत किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल, चौधरी रविन्द्र सिंह, तरुणराज, पवन गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एसएम गुप्ता, अजीत चाहर, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश गोयल, मुकेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेड़िया, चक्रपाणि गोयल, अनंत प्रकाश वर्मा, राजेश माथुर, ललित सिंघल, साहिल चौधरी, सुधीर पोरवाल, मनीष गोयल, आरके उप्रेती, दीपक अग्रवाल, बाबूराम शर्मा और दयानंद तिवारी सहित समिति के सदस्य तथा शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रस्तुति: श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



