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अगस्त क्रांति और विश्व आदिवासी दिवस पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर विभिन्न मुद्दों को लेकर किया धरना प्रदर्शन

सोनभद्र में कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना का किया मांग।

ब्यूरो चीफ़/ विजय कुमार अग्रहरी/ समाज जागरण

सोनभद्र। मंगलवार को पूर्व निर्धारित राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर अपनी मांगों के समर्थन में गगनभेदी नारों के दोपहर 12.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक धरना देकर जिला प्रशासन को महामहिम राज्यपाल महोदया के नामित ज्ञापन सौपा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यव्यापी आवाहन पर जिला कमेटी सोनभद्र ने पेयरिंग/ मर्जर किए गए प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोले जाने, नयी शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने, कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के बच्चो को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा एक्ट 2009 से छेड़छाड़ न करने, प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक मुफ्त शिक्षा की ब्यवस्था सुनिश्चित करने, सोनभद्र जिले में कैमूर विश्वविद्यालय की स्थापना करने, बंगला और उर्दू भाषा बोलने वालों को तमाम सबूतों और संविधान की अनुसूची 8 में दिये गये संवैधानिक अधिकारों के बावजूद सरकार द्वारा प्रताड़ित करने, अल्पसंख्यकों के मदरर्सो और इबादत गाहों पर हमला करने, कोल, धरकार, मुसहर (बनवासी) जाति के लोगों को संविधान की अनुसूची 5 में शामिल करने, धारा 132 की जमीनों पर सैकड़ों वर्षों से बसे लोगों को न उजाड़ने आदि 13 मागों को लेकर जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा व वरिष्ठ कामरेड बसावन गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में दोपहर १२.०० बजे से शाम ४.०० बजे तक धरना दिया।
जहां वक्ताओं द्वारा धरना को संबोधित करते हुए निम्न मांगों को रखा गया।
01 — मासूम बच्चों के बचपन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक विद्यालयों के पेयरिंग / मर्जर के आदेश को तत्काल वापस लेने के साथ ही अबतक बन्द किये गए 26000 प्राथमिक विद्यालयों और मर्जर किये गए 5012 विद्यालयों को फिर से खोला जाये। 02— नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लिया जाये। 03— बच्चों के संवैधानिक अधिकार निशुल्क और आवश्यक शिक्षा एक्ट — 2009 से छेड़छाड़ न किया जाये। 04— प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं आवश्यक शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। 05— शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण पर अविलम्ब रोक लगाया जाये। 06— विंध्य – कैमूर पर्वत मालाओं के मध्य स्थित आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र में आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों के तरक्की और विकास को ध्यान में रखते हुए सोनभद्र जिले में तत्काल एक अदद “कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय” की स्थापना किया जाये। 07— अल्पसंख्यकों के शिक्षण संस्थानों को जबरन बन्द कराने और उनके धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया पर अविलम्ब रोक लगाया जाये। 08— धारा 132 की जमीनों पर सैकड़ों वर्षों से बसे हुए लोगों को बेदखल करने और उनके बसे — बसाये घरों पर बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया पर अविलम्ब रोक लगाने के साथ ही उजाड़े गये लोगों के पुनर्वास की ब्यवस्था तत्काल सुनिश्चित किया जाये। 09— संविधान की अनुसूची — 8 में शामिल (बंगला व उर्दू भाषा) संवैधानिक अधिकारों के विपरीत जाकर सरकार प्रदेश के क ई जिलों में बंगला और उर्दू भाषियों को तमाम सबूतों के बावजूद बंगलादेशी और पाकिस्तानी बताकर प्रताड़ित कर रही है, इसपर अतिशीघ्र रोक लगाई जाये। 10— दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं पर की जा रही अत्याचार की घटनाओं पर अविलम्ब रोक लगाई जाये। 11— अन्तर्जातीय और अन्तर्धार्मिक विवाहों को मान्यता प्रदान की जाये और उनको प्रोत्साहन राशि भी दी जाए। 12— सदियों से जंगलों में निवास करने वाले कोल, धरकार, मुसहर (बनवासी) आदि जातियों को संविधान की अनुसूची — 05 में शामिल किया जाये। 13— सदियों से जंगलों में निवास करने वाली जनजातियों को वन विभाग द्वारा प्रताड़ित करने, उनको अपने मूल निवास से बेदखल करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के साथ ही जिस जमीन पर बसे हैं और खेती किसानी करते हैं, उनको उन जमीनों का मालिकाना हक दिया जाये। 14__ किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खाद बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए , सहकारी समितियों पर हो रहे लूट खसोट और भ्रष्टाचार पर रोक लगा कर किसानों को समुचित दाम पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी, यूरिया, खाद- बीज और बिजली उपलब्ध कराया जाए। 15__ आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र के कल कारखानों में स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रेम चंद्र गुप्ता, अमर नाथ सूर्य, अमरनाथ बिंद, नागेन्द्र कुमार, हृदय नारायण गुप्ता, विरेन्द्र सिंह गोंड, धन्नू राम गोंड, बुद्धि राम खरवार, कतवारू कोल, मोहम्मद मुस्तफा, राम जनम कुशवाहा, नंदू यादव, हिरालाल यादव, राम राज अगरिया, महेंद्र अगरिया, मुन्ना धांगर, सूरज वंशल, कमलेश भारती, महेंद्र अगरिया, नौरंग अगरिया आदि दर्जनों की संख्या में भाकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा व वरिष्ठ कामरेड बसावन गुप्ता जी ने किया और संचालन कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा ने किया।


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