राजीब मिश्रा/समाज जागरण, करजाईन(राघोपुर)सुपौल
जिले में राघोपुर प्रखंड के करजाईन बाजार क्षेत्रों में सामा-चकेवा पर्व कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हर्षोल्लास से मनाया गया।क्षेत्र के घर-आंगनों में देर शाम तक सामा-चकेवा के गीत महिलाएं गाती रहीं। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के साथ सामा-चकेवा को विदाई दी। क्षेत्र महिलाओं ने मिट्टी से बनाये गए सामा-चकेवा से यह पर्व मनाया। सामा-चकेवा, सतभइया, वृंदावन, चुगला, ढोलिया-बजनिया, बन तितिर, पंडित और अन्य मूर्तियों के खिलौने वाले डाला को लेकर महिलाएं घरों से बाहर निकली और पटसन से बने चुगला को जलाया और उसका मुंह झुलसाया। इसके बाद उन्हें सामूहिक रूप से विसर्जित किया गया। महिलाओं ने बताया कि सामा-चकेवा का पर्व सिर्फ खुशियां ही नहीं देती, बल्कि अच्छी सीख भी देते हैं। सामा-चकेवा आधुनिक समाज में चुगलखोरों को यह सीख देती है कि चुगलपनी करने का अंजाम वहीँ होता है जो सामा-चकेवा के वर्णित पात्र चुगला का हुआ।
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