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राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन प्रो डॉ नरेंद्र श्रीवास्तव एवम डॉ आशीम रॉय ने सहभागियों को दिया प्रशिक्षण

शोधार्थी छात्र एवम छात्राओं ने लिया राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रशिक्षण

पहले सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो डॉ नरेंद्र श्रीवास्तव जंतु विज्ञान विभाग ने ‘व्यवस्थित समीक्षा साहित्य‘ पर व्याख्यान दिया। जबकि दूसरे सत्र में स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग के प्रो डॉ आशीम रॉय ने पॉवरपॉइंट के द्वारा शोध प्रस्तुतीकरण पर अपने विचार रखते हुए सभागी शोधार्थियों को प्रशिक्षित किया

मधेपुरा।

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन दो अकादमी सत्रों का संचालन किया गया। पहले सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो डॉ नरेंद्र श्रीवास्तव जंतु विज्ञान विभाग ने ‘व्यवस्थित समीक्षा साहित्य‘ पर व्याख्यान दिया। प्रोफेसर श्रीवास्तव ने शोध छात्र छात्राओं को क्रमबद्ध तरीके से साहित्य की समीक्षा करने का तरीका सिखाया। उन्होंने बताया कि साहित्य हासिल करने के दो श्रोत को मुख्य रूप से बताया। उन्होंने कहा कि जहां पुस्तकालय के बिना शोध संभव नहीं है वहीं इंटरनेट आज की बहुत बड़ी जरूरत है। किसी भी विषय के साहित्य को तलाशने के लिए कीवर्ड की जरूरत होती है और इसके लिए शोधार्थियों को स्पष्ट होना आवश्यक है। उन्होंने साहित्य विश्लेषण के तरीकों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
दूसरे सत्र में स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग के प्रो डॉ आशीम रॉय ने पॉवरपॉइंट के द्वारा शोध प्रस्तुतीकरण पर अपने विचार रखते हुए शोधार्थियों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने पॉवरपॉइंट स्लाइड्स कैसे बनाए जाएं एवम् उसे सुंदर ढंग से कैसे प्रस्तुत करेंगे पर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने शोधार्थियों को माइक्रोसॉफ्टवेयर के उपयोग के साथ ही साथ गूगल प्वाइंट को भी उपयोग में लाने की सलाह दी।
आज के दोनों सत्रों में शोधार्थियों की भारी संख्या ऑफलाइन क्लास में उपस्थित थे साथ ही साथ पूरे भारतवर्ष से लगभग सौ शोधार्थी ऑनलाइन से जुड़े हुए थे।


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