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लखनऊ में पकड़ी गई कानपुर के जीजा साली की लुटेरन जोड़ी



– आशिक आसिफ मोटरसाइकिल चलाता था और पीछे बैठी साली राधा खींच लेती थी चेन समेत अन्य गहने

– जीजा साली की जोड़ी लखनऊ और कानपुर समेत और भी कई जिलों में अब तक दे चुकी दर्जनों वारदातों को अंजाम

सुनील बाजपेई

कानपुर | चेन समेत अन्य जेवरात को लूटने की दर्जनों घटनाओं को अंजाम देने वाले जीजा साली की लुटेरन जोड़ी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कानपुर निवासी जीजा साली की यह लुटेरन जोड़ी लखनऊ पुलिस के हत्थे उस समय चढ़ गई ,जब वह वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गई , लेकिन सीसीटीवी कैमरे के जरिए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त करली |

प्राप्त विवरण के मुताबिक कानपुर के नौबस्ता निवासी मोहम्मइ आसिफ और सरोजनी नगर निवासी राधा, रिश्ते में जीजा और साली हैं। दोनों ने लूट जैसी वारदातों को अंजाम देने का अपना इरादा पूरा करने के लिए लखनऊ को निशाना बनाया और वहां कई लूट की वारदातों को अंजाम देकर खलबली मचा दी थी।

दोनों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस के मुताबिक बाइक आसिफ बाइक चलता था और पीछे बैठी राधा लोगों के गहनों के साथ ही महिलाओं के गले से चेन लूटकर फरार हो जाया करती थी। लेकिन इसी दौरान आशियाना इलाके में एक घटना को अंजाम देने के दौरान दोनों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद पुलिस ने शातिर लुटेरन जोड़ी को दबोच लियाI

पुलिस के अनुसार राधा ने जीजा आसिफ के साथ मिलकर आशियाना इलाके में एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। दोनों ने मिलकर सहकारी आवास संघ के निदेशक हीरेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी मिथिलेश की चेन लूटी थी। निदेशक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की तो मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में दोनों की तस्वीर मिल गई। जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में निकल पड़ी और दोनों को साउथ सिटी रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली |

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में बाइक चला रहे युवक की पहचान कानपुर नौबस्ता निवासी मो. आसिफ और युवती की पहचान सरोजनी नगर के चिल्लावां निवासी राधा के रूप में हुई। यह दोनों जीजा-साली हैं।

पूछताछ के दौरान आसिफ ने यह भी कुबूला कि वह बाइक चलाता था और राधा चेन लूट करती थी। पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने अबतक आठ वारदातों को अंजाम दिया है। लूटे गहनों को राह चलते लोगों को बेच देते थे। इस बीच पुलिस ने लुटेरे आशिक के बारे में जो जानकारी दी है उसके मुताबिक आसिफ 2016 में पारा के बाल संरक्षण गृह से फरार होने के बाद से लूट की वारदात कर रहा था। पारा थाने में आसिफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने कई वारदातों का खुलासा किया है।


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