समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी। पंचकोशी के तीसरे पड़ाव तीर्थ धाम रामेश्वर में बने बेतरतीब नाली में गंदे जल के ठहराव के सड़ांध से यात्रियों संग बाजारवासी परेशान हैं। वहीं मच्छरों का आतंक भी बढ़ गया है। आने -जाने वाले नाक ढककर मजबूरी में चल रहे हैं।
रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी अन्नू तिवारी के अनुसार पंचकोशी तीर्थ धाम रामेश्वर के विकास को लेकर जहाँ जिला प्रशासन हर तरह की बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराकर टूरिज्म स्थल के रूप विकसित करने में जुटी है वहीं वरूणा नदी को स्वच्छ व संरक्षण के दिशा में 8.82करोड़ की लागत से नए पक्के घाट,साइनेज निर्माण, हाईमास्ट लाइट,सोलर लाइट धर्मशाला जीर्णोद्धार व 7.8 लाख रुपए की लागत से तरल अपशिष्ट प्रबंधन तालाब भी बनवाया गया है। जिससे सीवर के गंदे पानी को शुद्ध करके वरूणा नदी में डालकर संरक्षित किया जाना है।अनियोजित विकास के क्रम में नया नाली बनाकर वरूणा नदी को प्रदूषित किये जाने के चलते अर्धनिर्मित नाली में गंदा पानी सड़ रहा है। जिससे तीर्थ धाम में लोगों को बदबू, दुर्गंध व मच्छरों से दो चार होना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय चिकित्सकों के अनुसार गंदे पानी मे डेंगू मच्छर पल रहे हैं।
रामेश्वर तीर्थ धाम में जिले के तमाम अधिकारी दर्शन के लिए आते हैं लेकिन कोई सुधि नहीं लिया। पर्यटन विभाग भी इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रहा है। स्थानीय मन्दिर प्रशासन, ग्रामीणों व बाजार वासियों ने बदबू ,संड़ाध व गंदगी से तत्काल राहत पहुंचाने की जिला प्रशासन से मांग की है।
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