*गठबंधन सरकार ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ा : रणजीत उप्पल*
कालका (संदीप शर्मा)आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह उप्पल ने रविवार को बयान जारी कर गठबंधन सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ दुष्यंत चौटाला और भाजपा सरकार का धोखा आज बेपर्दा हो गया। वैसे भी हरियाणा के एक भी युवा को इस झूठे आरक्षण से नौकरी नहीं मिली थी। सरकार में 30 से ज्यादा पेपर लोक हो चुके हैं, जिससे युवाओं का सरकारी नौकरी का सपना टूटा और निजी क्षेत्र की नौकरियों में हरियाणा के युवाओं को 75% आरक्षण भी जुमला साबित हुआ।उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा की प्राइवेट नौकरी में 75% आरक्षण के कानून को रद्द कर दिया है। इस कानून के तहत उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने युवाओं से वादा किया था कि हरियाणा के प्राइवेट नौकरी में युवाओं को 75% आरक्षण मिलेगा।।ये कानून दो साल से हरियाणा की विधानसभा में पास हो चुका है, लेकिन हरियाणा का एक भी युवा ऐसा नहीं है जिसे इस कानून के तहत प्राइवेट रोजगार मिला है। ये अपने आप में बताता है कि ये कानून सिर्फ कागज का एक पुलिंदा था, ये कानून हरियाणा के युवाओं को प्राइवेट रोजगार दिलाने में सक्षम नहीं था। उन्होंने कहा कि इसको कानूनी रूप से इतना कमजोर बनाया गया था कि ये ठहर ही नहीं सका और सरकार ने अपने ही बनाए कानून को डिफेंड करने की कोई कोशिश नहीं की। दो साल पहले पास हुए कानून को हाईकोर्ट में असवैंधानिक करार दे दिया गया। यानी सरकार अपने ही बनाए कानून की पैरवी नहीं कर सकी। ये अपने आप में बताता है कि हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार को युवाओं की चिंता ही नहीं है।उन्होंने कहा दूसरी तरफ हरियाणा सरकार की एचपीएससी का फैसला आया कि जो वेटनरी सर्जन के लिए जो परीक्षा जनवरी में ली गई थी उस परीक्षा को रद्द घोषित कर दिया गया है। हजारों लाखों युवाओं ने तैयारी करके परीक्षा दी और वो पेपर भी वेटनरी सर्जन का लीक हो गया। जिसके चलते इस पेपर को भी रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने रोजगार की उम्मीद में बैठे न जाने कितने युवाओं के सपने तोड़ दिए। ये इकलौता मामला नहीं है, भाजपा की नौ साल की सरकार में अब तक 30 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल का इनका इतिहास बताता है जिसमें हरियाणा बेरोजगारी में नंबर एक पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में इनका बनाया हुआ ये डमी कानून, जिसमें कोई ताकत नहीं थी। ऐसे कानून की वजह से हरियाणा के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में रोजगार नहीं मिल पाया और सरकारी नौकरी में 30 से ज्यादा पेपर लीक होने की वजह से लाखों युवाओं के साथ धोखा हुआ। यानी भाजपा और जजपा सरकार प्राइवेट सेक्टर में भी और सरकारी सेक्टर में भी युवाओं को रोजगार दिलाने में पूरी तरह नाकाम रही है। इस बार प्रदेश के युवाओं में रोष है और इस नाकाम सरकार को बदलना चाहते हैं। एक ऐसी उम्मीद भरी सरकार लाना चाहते हैं जो उनके भविष्य के सपनों को साकार कर सके और रोजगार दिला सके।

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