वाल्मीकि की राम कथा सामाजिक समरसता की संवाहिका
दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (बिहार)
औरंगाबाद जिले के शतखंडी धाम के समीप रविकर गांव मे जनेश्वर विकास केंद्र के तत्वावधान मे आदि कवि वाल्मीकि की जयंती समारोह पूर्वक दीप प्रज्वलित कर किया गया।जयंती समारोह की अध्यक्षता पंडित रामप्रवेश मिश्र एवम संचालन महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने किया।सर्वप्रथम आगत अतिथियों ने महर्षि वाल्मीकि के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पंचदेव धाम के संस्थापक और जिले के बड़े समाजसेवी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि आज राम कथा का आश्रय लेना परम अपेक्षित है। क्योंकि राम कथा के माध्यम से ही सामाजिक विकृतियों को नष्ट किया जा सकता है । मौके पर उपस्थित डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि वाल्मीकि की राम कथा सामाजिक समरसता की संवाहिका है।संचालन के क्रम में सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने इस बात से अपनी सहमति जताई के निश्चय ही राम कथा एक ऐसी मंदाकिनी है जिसमें स्नान करने से व्यक्ति के सारे कल्मस विभेद मिट जाते हैं। कार्यक्रम को मुख्य रूप से सुमन अग्रवाल ,चंचल सिंह ,मुखिया निशा सिंह ,लालदेव प्रसाद , रामजी सिंह सुरेश विद्यार्थी आदि भी संबोधित किए।
इस अवसर पर सामाजिक समरसता हेतु महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले श्री रामप्रवेश मिश्रा, महेश पाठक , दउधऐश्वर राम , राजेंद्र सिंह, जितेन्द्र मिश्रा, सुरेंद्र राम, शालनी कुमारी, हर्ष कुमार, गौरी कुमारी, ओंकार मल राम आदि को अंगवस्त्रम देखकर, मुख्य अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सनातन संस्कृति के प्रति अभिरुचि रखने वाले समाज के कुछ मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
अंत में पंचदेव धाम की सीमा पांडेय के द्वारा ग्रामीण महिलाओं को जिनमें दलित महिलाओं की संख्या अधिक थी , उन्हें देसी गाय के गोबर से दीपक तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया और बताया गया कि इसे कुटीर उद्योग के रूप में अपना कर वे स्वावलंबी हो सकती हैं।
समारोह में श्रीमती चंद्रावती देवी ,रंजीत कुमार, अभियंता विंग के अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह , प्रमोद सिंह, धर्मेन्द्र कुमार सिंह सहित ग्रामीण पुरुष और महिलाएं उपस्थित रहे।
