
संसाधनों से लैस औरंगाबाद जिले के सदर हॉस्पिटल में मोमबत्तियों. एव मोबाइल के लाइट के सारे होते आ रहा है इमेजेस रोगियों के ईलाज। बाहर से रूई – बैंडेज मंगाकर .रोगियों नें कराया ईलाज।
शॉर्ट सर्किट सर्किट की वजह से लगी आग,गैस सलेंडर फटने से डीएसपी अखिलेश कुमार ,सिपाही प्रीति कुमारी, जगलाल प्रसाद, सैफ के दो जवान सहित लगभग 30 लोगों की हालत गंभीर । ईलाज का ब्यवस्था नहीं ।
दैनिक समाज जागरण , सत्य प्रकाश नारायण जिला संवाददात्ता / धनंजय कुमार विधि संवाददाता औरंगाबाद (बिहार)
औरंगाबाद (बिहार ) 29 अक्टूबर 2022 :- सभी संसाधनों से लैस औरंगाबाद जिले के सदर हॉस्पिटल के बदहाल एवं दयनीय हालात पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अनिल कुमार मिश्र, सोशल एक्टिविस्ट्स सह वरिष्ठ पत्रकार औरंगाबाद (बिहार ) ने कहा है कि यहां के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों तथा विपक्षी दल के नेताओं में माननीय संवेदना मर चुका है और जनहित नहीं इन्हें अपने हित कि स्वार्थ हैं। इलाज के अभाव में जनता तड़प कर मरे या घोलट- घोलट कर मरे इससे इन्हें कोई लेना-देना नहीं।
श्री मिश्र नें कहा बिहार राज्य के औरंगाबाद जिले के जिम्मेवार लोग ,दौलतमंद की होड़ में सबसे आगे निकालने की है चाहत में हैं । फलस्वरूप सभी संसाधनों से लैस औरंगाबाद जिले के सदर हॉस्पिटल हालात बद से बदत्तर हैं और बिजली कटते ही मोमबत्ती एवं मोबाईल के लाईट के सहारे इमरजेंसी रोगियों का ईलाज होते आ रहा है। फिर भी दिखाई नहीं दे रहा ।
श्री मिश्र ने सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद की व्यवस्था पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा मोमबत्ती के सहारे इमरजेंसी रोगियों का ईलाज की प्रथा कोई नयी बात नहीं, जिसका ज्वलंत उदाहरण आपके सामने है। सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद की दयनीय हालात एवं सड़क दुर्घटना में घायलों को इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचने के लिए उठाए जा रहे कष्टों के निवारण हेतू आज के लगभग 2 सप्ताह पूर्व लगातार जिला पदाधिकारी औरंगाबाद के मोबाइल नंबर पर अनेको बार कॉल किया गया , प्रभारी जिला पदाधिकारी सह.एडीएम से बात हुई और चंद्र घंटे व मिनटों में इमरजेंसी तक पहुंचने में उत्पन्न बाधा को समाधान करा देना का वादा किया गया, जब भी कॉल किया गया तो शिकायत के आलोक में समस्या का समाधान करा दिया गया है कि बात कहा गयी । लेकिन धरातल पर कार्य का प्रतिफल शून्य रहा और हमेशा झूठे आश्वासन मिलते रहे, 13 दिन पूर्व लगातार शिकायत के पश्चात भी सदर हॉस्पिटल की दैनिया हलात में किसी तरह का कोई सुधार नहीं लाया गया और आज भी यहां पहुंचने वाले रोगी भगवान के भरोसे हैं और यहां के अधिकारी और नेता संवेदन शून्य बने हुए हैं तथा व्यवस्था के नाम पर जिले में लूट मचा हुआ और पत्रकार द्वारा जिला प्रशासन से लगातार शिकायत के बाद भी इमरजेंसी रोगियों के समुचित ईलाज के लिए जिला प्रशासन गंभीर नहीं हैं।
बतातें चलें कि
औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र के शाहगंज मोहल्ले के वार्ड नंबर 14 में अनिल गोस्वामी के घर में छठ पर्व हो रहा था,
28 अक्टूबर एवं 29 अक्टूबर 2022 की रात्रि करीब 2:30 गैस रिसाव होने लगा और आगे तेज़ी से फैल गया । आग की तेज लपटों में 05 पुलिस सहित 30 से अधिक लोग झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए,जिसमें कुछ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मुहल्ले वासियों ने नगर थाना को सूचना दी सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी एवं दमकल घटना स्थल पर पहुँच कर आग बुझाने में लग गये। सभी घायलों को औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, कुछ लोग वहां से निजी चिकित्सालयों में भी उपचार के लिए चले गए । स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना शार्ट सर्किट की वजह से लगी आग के कारण हुई है। घायल पुलिसकर्मियों में सिपाही प्रीति कुमारी डीएसपी अखिलेश कुमार जगलाल प्रसाद ,सैफ के दो जवान सहित लगभग 30 लोगों आग की लपट में बुरी तरह झुलस चुके हैं। घटना के कारण की पुष्टि नहीं हुई है पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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