कमल सिंह लोधा दैनिक समाज जागरण
सोमवार को जिला बैतूल के ग्राम उड़दन स्थित सतलोक आश्रम में दिव्य धर्म यज्ञ दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सानिध्य में चल रहे महाविशाल समागम का दूसरा दिन था,जिसमे लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण किया। आश्रम के सेवादारों ने बताया कि जब कबीर साहेब जी को बदनाम करने के लिए उनके नाम से झूठी चिट्ठी डालकर पूरे भारतवर्ष के लोगो को भंडारे का निमंत्रण दिया था तो कबीर साहेब जी ने अपनी शक्ति से काशी में तीन दिनों तक 18 लाख लोगो को मोहक भोजन सतलोक से लाकर खिलाया था जिसकी याद में आज हमारे सतगुरुदेव संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में ये 510 वा “दिव्य धर्म यज्ञ दिवस” मनाया जा रहा है जिसमे पूरे मानव समाज को आने का खुला निमंत्रण दिया गया है,इस महाविशाल भंडारे में शुद्ध देशी घी से बने लड्डू,जलेबी,सब्जी, पूड़ी, दाल,चावल का भंडारा दिया जा रहा है साथ ही आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी के अमर ग्रन्थ साहिब की अमरवाणी का अखंड पाठ चल रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार कार्यों के अंतर्गत मात्र 17 मिनिट में गुरुवाणी द्वारा 101 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह भी संपन्न कराया गया और जिला चिकित्सालय बैतूल से आए स्टाफ की मौजूदगी में अनुयायियों द्वारा 482 यूनिट रक्तदान भी किया गया साथ ही 7219 देहदान के संकल्प फार्म भरे गए। बिना दान दहेज,बिना फिजूलखर्ची के साथ हुए इस विवाह में किसी प्रकार का आडंबर देखने को नहीं मिला,विवाह के सभी जोड़े सादे सिंपल कपड़ो में बैठे रहे व अपने गुरुदेव जी की अमरवाणी को सुनकर सादगीपूर्ण तरीके से विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 300×600 व 75×200 का पांडाल,भंडारे के लिए 60×600 व 120×350 के पांडाल लगाए गए है,साथ ही जूता घर,पार्किंग,मोबाइल चार्जिंग,शौचालय आदि की पर्याप्त सुविधा के साथ आध्यात्मिक प्रदर्शनी व निःशुल्क नामदीक्षा की व्यवस्था भी गई है। फोरलेन से आश्रम तक की दूरी में बने रोड पर लगी पदर्शनी इतनी सुंदर लग रही है कि लोग गाड़ी रोककर देखते ही रह गए। समागम के दूसरे दिन तक 4912 लोगो ने संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन को सफल बनाया। कार्यक्रम में आए प्रशासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इतनी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं के आने के बाद भी यातायात सुविधा में किसी प्रकार की अव्यवस्था व संगत में भगदड़ देखने को नही मिली और यह भी कहा कि कही भी इतने विशाल कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस के जवान व मिलिट्री बुलानी होती है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के कार्यक्रम में सारी व्यवस्था उनके सेवादार भक्त ही कर लेते है। अपने गुरुदेव जी के आदेशानुसार आने वाली सर्व संगत शांतिपूर्वक आकर अमर वाणी को श्रवण कर भंडारा प्रसादी लेकर वापस अपने घर जाती रही।

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