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बिहार में लगाई जा रही है स्मार्ट मीटर,

बिभाग पर लग रही धब्बा

समाज जागरण संवाददाता:- वेद प्रकाश पालीगंज अनुमंडल

पालीगंज/ बिहार में बिजली बिभाग रेवेन्यू ठीक करने को लेकर तरह तरह की उपाय व हथकंडे लागू कर रही है। लेकिन अपने ऊपर लग रही धब्बो को मिटाने में हमेशा असफल साबित हो रही है। जी हां यह स्थिति है बिहार की जहाँ बिजलीकर्मियों के उदासीन रवैये के कारण न तो बिजली की आपूर्ति सही हो पा रही है न गलत नीतिओ पर अंकुश लगाई जा रही है।
ज्ञात हो कि बिहार पिछड़े राज्यो में से एक है। जहां के अधिकांश लोगों को रोजगार के अभाव में आर्थिक स्थिति नही सुधर पाई है। ऐसे में बिहार के बहुत से युवा व कामगार काम की तलाश में दूसरे राज्यो में पलायन कर रहे है। आज भी राज्य सरकार उन कामगारों को पलायन को रोकने में असफल नजर आ रही है। इतनी आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद भी सरकार द्वारा लागू किये गए महंगाई की मार झेलने के लिए बिहार के लोग मजबूर दिखाई दे रहे है। बानगी के तौर पर बिजली बिभाग को लिया जा सकता है। बिजली चोरी को रोकने के नाम पर हमेशा इलाके में छापेमारी होती है। पकड़े गए लोगो पर प्राथमिकी दर्ज कर जुर्माना वसूली जा रही है। कभी कभार पदाधिकारियों द्वारा मामले को दबाया भी जाता है। देखा जाए तो बिभाग से लेकर विभागीय पदाधिकारियों व कर्मचारियों को बल्ले बल्ले हो जाती है। लेकिन बेचारे उन उपभोक्ताओं को क्या कहना वे तो महंगाई के चक्की में पिसे जाते है। अभी सरकार के इशारे पर बिजली बिभाग की ओर से सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाई जा रही है। जिससे बगैर रिचार्ज बिजली आपूर्ति नही हो पा रही है। पूर्व में गरीबी की मार झेल रहे उपभोक्ताओं द्वारा लेट लतीफे बिजली बिल की भुगतान की जाती थी लेकिन अब हालात यह है कि जबतक मीटर रिचार्ज नही कराई जाएगी बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। ऊपर से जन वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली किरोसिन तेल भी ग्रामीणों को नसीब नही हो रही है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगो की क्या समस्या होगी समझा जा सकता है। जिसे देखते हुए जगह जगह पर स्मार्ट मीटर का बहिष्कार शुरू हो चुकी है। बिजली उपभोक्ताओ का कहना है कि सरकार रेवेन्यू वसूली को लेकर शख्त दिख रही है। वही बिभाग की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं के घर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति नही हो पा रही है। जब कभी तेज हवा या वर्षा शुरू हो जाती है तो सुबह हो या शाम बिजली गुल हो जाती है। इतना ही नही उचित समय अर्थात संध्या होते ही लोड सीडिंग के नाम पर बिजली घण्टो गुल रहती है। कभी कभी तो दिनों भर बिजली की आंखमिचौली से उपभोक्ता परेशान रहते है। अब बिजली कनेक्शन बिजली के पोल पर लगी बिजली बॉक्स के अंदर से उपभोक्ताओं को दी जाती है जो मीटर के अंदर सील की जाती है। जब कनेक्शन में गड़बड़ी आती है तो बिजली मिस्त्री ठीक करने के एवज में दो सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक कि वसूली करता है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाती है तो आज कल करते हुए टाल मटोल कर उपभोक्ताओं को परेशान की जाती है। लाचार उपभोक्ता चढ़ावा चढ़ाने के लिए मजबूर हो जाते है। अब तो बिभाग के अधिकांश अधिकारी वसूली करने के लिए मानव बल के रूप में कार्य कर रहे निजी लोगो का उपयोग कर रहे है। जिसके कारण बिभाग सहित सरकार पर भी धब्बा लगने लगी है।


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