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गर्भवती महिलाओं के समुचित जांच के विशेष अभियान संचालित

गर्भधारण के बाद व प्रसव से पूर्व कम से कम चार एएनसी जांच जरूरी

अररिया ।

गर्भवती महिलाएं व गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य संबंधी मामलों की समुचित निगरानी रखना जरूरी होता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही से जच्चा-बच्चा दोनों के की सेहत प्रभावित होने का खतरा रहता है। समुचित निगरानी देखरेख के अभाव में गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं बढ़ जाती है। जो मातृ-शिशु मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो गर्भधारण करने के बाद व प्रसव से पूर्व महिलाओं का कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जांच यानी एंटीनेटल केयर एएनसी जांच जरूरी है। ये प्रसव संबंधी जटिलताओं का समय पर पता लगाकर इसका समुचित प्रबंधन सुनिश्चित कराने का महत्वपूर्ण जरिया है। गर्भवती महिलाओं के नियमित जांच को बढ़ावा देने के लिये संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत जिले में शुक्रवार को विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत सभी चिकित्सा संसथानों में विशेष अभियान संचालित करते हुए पोषक क्षेत्र की सभी महिलाओं का समुचित जांच व दवा के साथ जरूरी चिकित्सकीय परामर्श नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया।
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि मातृ-शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत महीने में दो बार विशेष अभियान संचालित किया जाता है। शुक्रवार को संचालित अभियान के क्रम में गर्भवती महिलाओं को जरूरी जांच के साथ व्यापक व गुणवत्तापूर्ण प्रसव संबंधी देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि पहली जांच गर्भधारण के 12 वें सप्ताह तक, दूसरी जांच 14 वें से 16 वें सप्ताह तक, तीसरी जांच 28 वें से 32 वें सप्ताह तक व अंतिम जांच 34 वें सप्ताह से प्रसव होने से पहले तक करा लेना जरूरी होता है।


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