शासकीय कन्या शिक्षा परिसर पुष्पराजगढ़,जिला -अनूपपुर ( मध्य प्रदेश ) के छात्राओं को ऊर्जा बचत के संदर्भ में श्री डी.ए.प्रकाश खाण्डे ने व्याख्यान दिए जिसमें ऊर्जा के विभिन्न रूपों को बताया गया | ऊर्जा के विभिन्न रूप जैसे- स्थितज ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा, गतिज ऊर्जा,प्रकाशकीय ऊर्जा,विद्युत ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि रूपों में ऊर्जा प्राप्त होती है | कृषि कार्य हेतु मशीनों के संचालन हेतु डीजल, पेट्रोल,बिजली आदि की जरूरत होती है | कार्य पूर्ण होने पर शीघ्र मशीनों को बंद करना चाहिए, मशीनों को चालू करके अनावश्यक बात या अन्य कार्य नहीं करना चाहिए |
घर, छात्रावास, विद्यालय में अनावश्यक पंखे एवं बल्ब ना चलाएं तथा कक्षा बंद होते ही सभी बटन को बंद कर देना चाहिए | ऊर्जा के परंपरागत स्रोत धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं खाना बनाने के लिए लकड़ी कंडो एवं गैस को ज्यादा ना जलाएं,सीमित ईंधन का उपयोग करें | युवा और आम जनता को जानना बेहद जरूरी है कि ऊर्जा संरक्षण एक महत्वपूर्ण कार्य है | बिजली बचत कैसे करें इसके लिए अधिक वाट के बल्ब नहीं जलाना चाहिए, सीएफएल का उपयोग करें, रात में हीटर एवं कूलर का उपयोग कम करें जिससे बिजली खपत कम हो | शाम- सुबह पंखे, कूलर, हीटर,लाइट बंद करके बाहर टहलने निकले | रात को सोने के पहले टीवी,कंप्यूटर एवं लाइट बंद कर देवें, जिससे बिजली की खपत अनावश्यक ना हो पाए | कंप्यूटर और मोबाइल को अनावश्यक नहीं देखना चाहिए जिससे जल्दी से चार्ज खत्म होने से बच जाए | खाना बनाते समय अधिक गैस या लकड़ी की खपत नहीं करें,भोजन पकाने के बाद तुरंत गैस या लकड़ी जालना बंद कर दें |
भारत में ऊर्जा संकट बढ़ता जा रहा है जिसके कारण गैस,डीजल, पेट्रोल, बिजली की कीमतों में अंधाधुंध वृद्धि हो रही है | वर्तमान समय मे जनसंख्या बढ़ रही है, औद्योगिक क्षेत्र का विकास होता जा रहा है, जिसके लिए हमें ऊर्जा का संरक्षण करना बहुत जरूरी है | जनमानस को संदेश देने के लिए हमें ऊर्जा का संरक्षण करना चाहिए जिससे अग्रिम भविष्य में ऊर्जा का संकट भयावह ना हो पाए | कर्तव्य बोध एवं संस्कार के लिए विद्यालय के छात्राओं को यह शिक्षा दी गई है |