राजनीति अब सेवा नहीं, एक व्यवसाय बन चुकी है जहाँ भावनाएँ बिकती हैं और वोट खरीदे जाते हैं…

लेखक चंद्रकांत सी पूजारीगुजरात कभी राजनीति को सेवा का सबसे पवित्र माध्यम माना जाता था। यह…