पूर्णियां।
5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर, बिहार के सभी कौशल विकास केंद्रों ने “शिक्षक सम्मान सप्ताह” का आयोजन किया। इस विशेष पहल के अंतर्गत, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों और लर्निंग फैसिलेटरको उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना और उनके समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करना था। इस दौरान, कौशल विकास केंद्रों ने पास के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर शिक्षकों को सम्मानित किया, और कई केंद्रों ने शिक्षकों को आमंत्रित कर उन्हें प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इसके अलावा, शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल साक्षरता, संचार कौशल और 21वीं सदी के अध्ययन कौशल जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन कार्यशालाओं ने न केवल शिक्षकों के कौशल को निखारा बल्कि उन्हें कुशल युवा कार्यक्रम की पेशकशों से भी परिचित कराया।
कार्यक्रम के दौरान मौजूदा लर्निंग फैसिलेटर को भी उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिससे एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण का निर्माण हुआ।
यह पहल न केवल शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम बनी, बल्कि इससे कुशल युवा कार्यक्रम के प्रति जागरूकता भी बढ़ी और कार्यक्रम में नए नामांकनों को प्रोत्साहन मिला।
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