समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ शैक्षणिक सत्र 2025 की शुरुआत के साथ ही बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों की पढ़ाई को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय ने नई योजना लागू की है। इसके तहत अब शिक्षकों को हर महीने तीन से चार अध्यायों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। इस योजना की जानकारी एक ऑनलाइन बैठक के माध्यम से दी गई, जिसमें जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों ने भाग लिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शिक्षकों को प्रत्येक माह विषय के अनुसार तीन से चार चैप्टर पढ़ाने होंगे। इसमें छुट्टियों को छोड़कर बाकी सभी कार्यदिवसों को ध्यान में रखकर अध्यायों को बांटा गया है। शिक्षकों को इस तय शेड्यूल के अनुसार ही पढ़ाना अनिवार्य होगा। सिर्फ अध्याय पढ़ाने की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि अब स्कूलों के प्रधानाचार्यों को हर महीने की प्रगति रिपोर्ट भी संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सौंपनी होगी। इसका उद्देश्य यह है कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और समय पर सिलेबस पूरा करने की निगरानी की जा सके। इस नए सत्र में केवल सिलेबस पूरा करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि बच्चों को विषयवस्तु को बेहतर ढंग से समझाने के लिए प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग को भी अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे जिस विषय को पढ़ा रहे हैं, उस पर प्रोजेक्ट तैयार कर कक्षा में छात्रों को प्रायोगिक तरीके से पढ़ाएं। विज्ञान सहित अन्य विषयों में भी इस पद्धति को अपनाने पर ज़ोर दिया गया है। इस योजना को सफल बनाने के लिए एससीईआरटी ने पहले ही शिक्षकों को कई चरणों में प्रशिक्षण दिया है। इसमें उन्हें यह सिखाया गया है कि कैसे प्रोजेक्ट के माध्यम से बच्चों को अधिक रोचक और व्यावहारिक तरीके से पढ़ाया जा सकता है। इससे न सिर्फ छात्रों की समझ बढ़ेगी बल्कि उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि समय पर सिलेबस पूरा होने से छात्रों को परीक्षा से पहले रिवीजन करने का समय मिलेगा। इससे उनकी तैयारी बेहतर होगी और परीक्षा में प्रदर्शन भी सुधरेगा। इस प्रकार, नया शैक्षणिक सत्र शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करने का अवसर लेकर आया है। अब शिक्षकों को केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि बच्चों की संपूर्ण शैक्षणिक वृद्धि पर भी ध्यान देना होगा।
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