सतना। नगर परिषद कोटर वर्तमान समय में राजनीति का अखाड़ा बन चुका है। वर्तमान समय में कोटर सीएमओ शैलेन्द्र सिंह के पास तीन-तीन नगर परिषदों का चार्ज हैं। जिसके चलते सप्ताह में एक दो दिन ही सीएमओ साहब कोटर नगर परिषद में आते हैं। ऐसे में क्षेत्रों में वार्डों में प्याप्त समस्याओं का निरारकरण नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि जिन वार्डों में पाईप लाईन नहीं पड़ी है वहां गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या शुरू हो जाती है। लेकिन इस सब मामलों से सीएमओ साहब को क्या लेना देना हैं। सूत्रों से जानकारी सामने आई है कि नगर परिषद में कोई कार्य हो सीएमओ और अध्यक्ष का कमीशन फिक्स रहता है। इस बात में कितनी सच्चाई यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। उन्होंने विशेष रूप से फायर ब्रिगेड और सरकारी डीजल के संदिग्ध भुगतान पर विरोध जताया। सीएमओ पर रसायन कैप्सूल की गोलियों और बोलोरो गाड़ी के भुगतान में गड़बड़ी करने का आरोप भी लगाया गया सीएमओ शैलेंद्र प्रताप सिंह को लेकर आरोप है कि उन्होंने सफाई के नाम पर सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की और अपने भ्रष्टाचार के मामले को दबाने के लिए सफाई अभियान शुरू किया। मिली जानकारी के मुताबिक कोटर नगर परिषद में सफाई के नाम पर पूरे वर्षभर में करोड़ों रूपये आते हैं। लेकिन सफाई न के बराबर है। सूत्र बताते हैं कि कोटर नगर परिषद में सफाई सिर्फ कागज में चल रही हैं। मैदानी हकीकत कुछ अलग है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पिछले दिनों एक वार्ड में एक टैंकर भिजवाया गया। और फोटो खिंचवाकर दूबारा वहां पानी ही नहीं भिजवाया गया है।
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