टेजरी आफिस से बैंक तक पहुंचेगी घोटाले की आंच

उमरिया —उमरिया जिले के पाली विकास खंड में उजागर हुआ दो करोड़ साठ लाख रुपए के घोटाले की परत दर परत खुलती जा रही है। जानकार सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इस मामले का मास्टरमाइंड तत्कालीन टेजरी आफिसर ही है ,जिन्होंने पाली विकास खंड के लेखापाल को विश्वास में लेकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया है । मामले का खुलासा आयुक्त कोष एवं लेखा की निगरानी में पकड़ में आया कि वर्ष 2018 से लेकर अब तक लगभग 25 संदिग्ध बैंक खाते में लगभग ढाई करोड़ रुपए गलत तरीके से संदिग्ध बैंक खातों में डालकर शासकीय धन राशि का आहरण किया गया है, जिनमें अतिथि शिक्षकों, और अन्य मजदूरों के मद की राशि पाली विकास खंड में पदस्थ लेखापाल, और अन्य दो लोगों ने अपने सगे संबंधियों के बैंक खातों में डालकर शासकीय राशि का वारा न्यारा किया गया है । बताया जाता है कि तत्कालीन टेजरी आफिसर खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के कतिपय नुमाइंदों को उनके सगे संबंधियों के खाते में राशि जमा करा उनसे वसूली कर लेते थे। यह बात विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का बिषय बना हुआ है । यह बात तो तय है कि जिले में आहरण संवितरण का मूल अधिकार जिला कोषालय का होता है , कोई भी बिल या भुगतान पर जिला कोषालय की देख रेख में होती है , जिससे लगता है कि मामले में जिला कोषालय अधिकारी भी जांच के दायरे में आता है ।इसी तरह बैंक अधिकारी भी इसकी चपेट में दिखाई दे रहे हैं कि किसी एक व्यक्ति के उसी बैंक में दो अलग-अलग नाम से बैंक खाते कैसे खुल दिये गये है ।यह सब गंभीर जांच का बिषय बनता जा रहा है ।

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