सूदखोरों की प्रताड़ना की वजह से कानपुर में 5 साल के अंदर एक दर्जन से ज्यादा लोग कर चुके आत्म हत्या
सुनील बाजपेई
कानपुर। यहां जिले में सूदखोरों का आतंक लगातार बरकरार है। वह दिए गए धन का ब्याज मनमाना तरीके से वसूल करते हैं और नहीं देने पर जिस अमानवीय तरीके से प्रताड़ित करते हैं। उसके फलस्वरूप लोग आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही कानपुर के पेंटर नीरज राजपूत के साथ भी हुआ । उसने भी एक सूदखोर की प्रताड़ना से नाराज होकर आत्महत्या कर ली। उसकी आत्महत्या के बाद बच्चे भी परेशान है। उनकी पढ़ाई लिखाई भी प्रभावित है। मामले में मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है जिसके बाद आरोपी फरार है। उसकी तलाश भी लगातार की जा रही है।
सूदखोरों की वजह से आत्महत्या करने का यह मामला पहले नहीं है। कानपुर में बीते 5 साल के अंदर एक दर्जन से ज्यादा लोग सूदखोरों की वजह से ही मौत को गले लगाने के लिए मजबूर हो चुके हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक
अशोक नगर निवासी आशीष कुमार राजपूत के अनुसार बड़े भाई नीरज राजपूत पेंटर थे। दो साल पहले भाई ने क्षेत्र के ही रहने वाले मुकेश बहेलिया से 30 हजार रुपए ब्याज पर लिए थे। भाई हर महीन ब्याज सहित रुपए मुकेश को देते थे।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाई के मुताबिक कुछ महीनों से काम न मिलने पर नीरज रुपए नहीं दे पा रहे थे। इस कारण मुकेश लगातार रास्ते में रोक कर व फोन कर भाई से रुपयों की मांग करता था। साथ ही रुपए न देने पर हुए बेइज्जत करते हुए गाली गलौज कर प्रताड़ित करता था।
पुलिस को मृतक के भाई ने बताया कि इसके कारण नीरज को डिप्रेशन में आ गया था। बीती 17 फरवरी को भाई काम की तलाश की बात कहते हुए घर से निकले थे। तभी सूचना मिली कि भाई किदवई नगर संजय वन रोड पर सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले है। इस पर वह लोग उन्हें अस्पताल ले गये, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पीड़ित ने आरोपी सूदखोर मुकेश बहेलिया की प्रताड़नाओं से आहत होकर बड़े भाई के जहर खाकर आत्महत्या कर लेने का आरोप लगाते हुए किदवई नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच शुरू करने के साथ ही खराब आरोपी की भी तलाश कर रही है।
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