समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में हाल ही में चोरों ने दो बंद घरों को निशाना बनाया। इस चोरी की घटना ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। चोरी की वारदात माया बीघा और गोढियारी गांव में हुई, जहां चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और लाखों रुपये मूल्य के गहने, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। गोढियारी गांव की रहने वाली पूजा कुमारी ने बताया कि तीन दिन पहले वे अपने रिश्तेदार के घर गई थीं, जिसके कारण घर पूरी तरह से खाली था। जब वे लौटीं, तो पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि उनके घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ है। जब वे मौके पर पहुंचीं, तो देखा कि घर का सारा सामान बिखरा हुआ था और अलमारी से गहने और नकदी गायब थे। इस चोरी में कुल 7 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। इसी तरह, माया बीघा गांव की अनीता देवी ने भी चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पटना में रहकर पढ़ाई करता है और वे भी अधिकतर समय वहीं बिताते हैं। जब उन्हें पड़ोसियों से अपने घर में चोरी की सूचना मिली, तो वे तुरंत गांव पहुंचीं। घर की तलाशी लेने पर पता चला कि चोर 5 लाख रुपये के गहने, एलआईसी के कागजात और जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज ले गए हैं। इसके अलावा, कई अन्य जरूरी कागजात भी चोरी हो गए हैं, जिससे परिवार को भारी नुकसान हुआ है। इस मामले की जानकारी मिलते ही भदौर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। चोरी के सुराग जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस चोरी का खुलासा कर दिया जाएगा और दोषियों को पकड़ लिया जाएगा। इस घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। चोरी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गुमशुदगी से पीड़ित परिवारों की परेशानी और भी बढ़ गई है, क्योंकि जमीन और बीमा से संबंधित कागजात दोबारा बनवाना मुश्किल हो सकता है। पुलिस प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जल्द से जल्द चोरों को पकड़कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाएगा।