मुज़फ़्फरनगर। डीओटी (दूरसंचार विभाग) टीम के साथ संयुक्त अभियान में @muzafarnagarpol ने एक बड़े फर्जी सिम नेटवर्क और अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी पहचान पर जारी की गई सिम कार्ड्स के जरिए वीओआईपी (VoIP) तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अंतरराष्ट्रीय कॉल को देश के अंदर की कॉल की तरह पेश करता था, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था।

इस गिरोह की गतिविधियों को ट्रेस करना मुश्किल था, क्योंकि ये कॉल्स भारत के स्थानीय नंबरों के रूप में दिखाई देती थीं। जांच में अब तक 22,000 से अधिक फर्जी कॉल ट्रैक की जा चुकी हैं।
गिरोह केवल तकनीकी छल से ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के साथ भी जुड़ा हुआ था। उन्हें भुगतान क्रिप्टोकरेंसी यूएसडीटी (Tether) में मिलता था, जिसे भारतीय मुद्रा में बदलकर खर्च किया जाता था।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि गिरोह संगठित रूप से न केवल टेलीकॉम फ्रॉड बल्कि आर्थिक अपराधों को भी अंजाम दे रहा था। पुलिस द्वारा जब्त किए गए उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है।
मुज़फ़्फरनगर पुलिस और डीओटी की यह कार्रवाई टेलीकॉम सेक्टर में हो रहे गंभीर अपराधों पर प्रभावी नकेल के रूप में देखी जा रही है।
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