समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। होली पर्व रंगों और आपसी प्रेम सौहार्द का पर्व है।जिसमें आतिशबाजी के साथ रंग ,अबीर गुलाल एक दूसरे को लगाकर गले मिलते हैं। वहीं उत्साह का पर्व गलत तरीके से आतिशबाजी व रासायनिक रंगों ,कीचड़,गोबर के प्रयोग से शारीरिक परेशानिया उतपन्न हो जाती है जिसको लेकर खुशी का पर्व दुखदायी बन जाती है। वैसे पीएचसी पर विशेष टीम के साथ चिकित्सक की तैनाती रहेगी।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ0 सन्तोष कुमार ने अवगत कराया कि पर्व को पर्व के रूप में मनाएं,अभद्रता और शराब सेवन से दूरी बनाएं ,जरूरत हो तभी वाहन चलाएं, रासायनिक रंगों व अबीर ,गुलाल से बचें। आतिशबाजी से छोटे बच्चों को दूर रखें, कीचड़,गोबर,खतरनाक पेंट आदि से दूरी बनाएं रखें। अक्सर छोटी -छोटी गलतियों के चलते बड़े बड़े घटनाएं हो जाती हैं। आँख की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। यदि भूल चूक से आंख में कुछ चला जाय तो तुरन्त पानी से धोएं ,आंख को रगड़े नहीं,यदि गड़न जैसा लगे तो चिकित्सक के सलाह से ड्राप डालें।नाक, कान,मुँह में रासायनिक गुलाल से पूरी तरह बचाकर पर्व मनाएं। कीचड़ व गोबर का तो कत्तई प्रयोग न करें और न ही किसी को करने के लिए प्रेरित करें। शराब सेवन से अक्सर दुर्घटनाएं घटती है खासकर युवा वर्ग परहेज रखते हुए पर्व मनाएं।
इस बार किसी अप्रिय घटना के होने पर आकस्मिक सेवा के लिए विशेष चिकित्सक टीम की तैनाती रहेगी। लेकिन अपील है कि स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरे के सुरक्षा का ख्याल रखें इससे ख़ुशहाली पूर्वक होली पर्व सम्पन्न होगा।
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