समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ पटना में सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के मुरलीचक में सफारी ने बाइक से जा रहे दंपती को रौंद दिया। भागने के चक्कर में ऑटो को ठोंक दिया। सफारी पर बिहार सरकार लिखा था। हादसे के वक्त सफारी की रफ्तार 80KM/H से अधिक थी। बाइक सवार अशोक कुमार और उनकी पत्नी पुष्पा देवी और ऑटो में सवार एक शख्स की मौत हो गई। ऑटो में सवार 4 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव वहां से गुजर रहे थे। पप्पू यादव ने पैर से ऑटो की बॉडी तोड़कर घायलों का रेस्क्यू किया और घायलों को आईजीआईएमएस में एडमिट में कराया। घायलों को आईजीआईएमएस ले जाते ही पप्पू यादव भड़क गए और कहा ‘स्टाफ और डॉक्टर अस्पताल में नहीं हैं क्या। मनीष मंडल को फोन लगाओ। मनीष मंडल आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट हैं।’ जगदेव पथ की ओर से फुलवारी की ओर सफारी तेजी से जा रही थी। मुरलीचक के पास अंधेरा था। सफारी का चालक एक बस को ओवरटेक कर रहा था। सफारी के आगे बाइक से दंपती जा रहे थे। ओवरटेक करने में सफारी ने पहले बाइक काे रौंदा फिर ऑटो से जा भिड़ी। सफारी और ऑटो के बीच बाइक आने से पति-पत्नी की मौके पर ही माैत हाे गई। दंपती मुरलीचक के रहने वाले थे। अशोक की वल्लमीचक में हार्डवेयर की दुकान है। वहीं से दोनों घर जा रहे थे। दंपती का एक बेटा और एक बेटी है। पप्पू यादव ने बताया कि ‘दर्दनाक मंजर मेरी आंखों के सामने घटा है। घायल तड़प रहे थे। चीख-पुकार मची थी। मौके पर मौजूद लोग मदद करने की जगह वीडियो बनाने में व्यस्त थे। कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। हमने तत्काल घायलों की मदद की। इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। किसी का खून बह रहा हो। कोई जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा हो। हम सिर्फ तमाशबीन बनकर कैमरे में दर्द कैद करने में लगे रहे। यह समाज के लिए बेहद शर्मनाक और चिंता का विषय है। ये सिर्फ हादसा नहीं है। हमारी बेपरवाह व्यवस्था और समाज की संवेदनहीनता का आईना है। क्या अब भी हम सिर्फ मूकदर्शक बने रहेंगे। या आगे बढ़कर पीड़ितों की मदद करेंगे? सोचिए, कल यह हादसा आपके अपनों के साथ भी हो सकता है।