तीर्थंकर_दिवस
*संपूर्ण विश्व को असि, मसि, कृषि, वाणिज्य, शिल्प, कला, का ज्ञान कराने वाले श्रमण संस्कृति के उन्नायक देवाधिदेव प्रथम देव आदिश्वर तीर्थंकर १००८ श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म कल्याणक एवं तप कल्याणक महा महोत्सव के उपलक्ष में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद शहडोल की सभी बहनों ने सामूहिक रूप से संध्याकालीन 48 दीपों के प्रज्वलन के साथ भक्तांबर पाठ का आयोजन किया सभी ने भजन ,कीर्तन एवं आरती में हर्षोल्लास के साथ अपनी सहभागिता दी
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