ट्रक छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये मांगने का आरोप, निगरानी टीम ने अंगरक्षक के पास से बरामद की रिश्वत की राशि
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में मधुबनी के यातायात पुलिस उपाधीक्षक सुजीत कुमार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, 27 अक्टूबर को ट्रैप की कार्रवाई के दौरान डीएसपी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों से अनुमति मिलने के बाद उनका हाथ धुलवाया गया और उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। बुधवार, 28 अक्टूबर को हालत सामान्य होने पर उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए निगरानी टीम अपने साथ ले गई।
ट्रक छोड़ने के बदले एक लाख रुपये मांगने का आरोप
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र के गंधवारी निवासी रोहित मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने टिपर ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर BR32GC 2817) से निजी कार्य के लिए पीला बालू लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रॉटी चौक पर यातायात डीएसपी सुजीत कुमार ने उनकी गाड़ी रोक दी और उसे छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की।
परिवादी का आरोप है कि दबाव में आकर उन्होंने 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद 500 रुपये का चालान काटा गया और चालान जमा करने के बाद ट्रक छोड़ दिया गया। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद भी डीएसपी की ओर से कम से कम 20 हजार रुपये और देने का दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही, ट्रक चलाने के एवज में हर महीने 15 हजार रुपये रिश्वत देने की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 125/26, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया। वरीय पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में धावादल गठित कर 27 अक्टूबर को ट्रैप की कार्रवाई की गई।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, कार्रवाई के दौरान डीएसपी अपने कार्यालय परिसर में अचानक जमीन पर गिर पड़े और छटपटाने लगे। इससे पहले उन्होंने कथित रिश्वत की राशि वाला छोटा बैग अपने अंगरक्षक की तरफ फेंक दिया था। अंगरक्षक ने बैग उठा लिया। तलाशी के दौरान बैग से 30 हजार रुपये बरामद किए गए।
अस्पताल में उपचार के बाद गिरफ्तारी
घटना के बाद निगरानी टीम डीएसपी को तत्काल सदर अस्पताल, मधुबनी ले गई, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। हालत में सुधार होने पर चिकित्सक की अनुमति से उनका हाथ धुलवाया गया। इसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।
ब्यूरो के मुताबिक, 28 अक्टूबर की शाम चिकित्सकों ने उनकी स्थिति सामान्य बताई। इसके बाद निगरानी टीम उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में पेश करने के लिए ले गई। मामले में आगे की जांच जारी है।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



