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किशनगंज में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में सुधार का निर्देश

274 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाने के कार्यों की समीक्षा, मातृ वंदना और कन्या उत्थान योजना में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

किशनगंज। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और कल्याणकारी योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, भूमि चयन, शौचालय, पेयजल, बिजली कनेक्शन, पोषण ट्रैकर और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं मौजूद रहीं।

एक सप्ताह में दुरुस्त होंगी बुनियादी सुविधाएं

डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया। इसमें शौचालय निर्माण, पेयजल सुविधाओं की मरम्मत, नए जल कनेक्शन और बिजली आपूर्ति बहाल करने जैसे कार्य शामिल हैं। विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि जिन केंद्रों की बिजली आपूर्ति बंद है, उनकी सूची संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर आपूर्ति बहाल की जाए।

किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी विद्यालयों में स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रखंड के विद्यालयों की सूची प्राप्त कर पोषक क्षेत्र के उपयुक्त विद्यालयों में केंद्रों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

मातृ वंदना और कन्या उत्थान योजना में धीमी प्रगति पर नाराजगी

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। बहादुरगंज, पोठिया और टेढ़ागाछ बाल विकास परियोजनाओं में दोनों योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को विशेष ध्यान देने और सुधार लाने का निर्देश दिया गया।

डीएम ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने को कहा, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

274 केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी बनाने का लक्ष्य

जिले में 274 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर निर्धारित कार्य पूरे कराने का निर्देश दिया। किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों में रंग-रोगन का कार्य पूरा कर उसकी जानकारी कायाकल्प पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा गया।

पोषण ट्रैकर और बच्चों की वृद्धि निगरानी पर जोर

पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों की समीक्षा के दौरान बच्चों की वृद्धि निगरानी में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं होने पर डीएम ने खेद जताया। उन्होंने बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी, पूरक पोषाहार वितरण, गृह भ्रमण, लाभार्थियों के चेहरे की पहचान प्रणाली और आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन से संबंधित आंकड़ों में सुधार लाने का निर्देश दिया।

उन्होंने पोषण ट्रैकर में दर्ज सभी लाभार्थियों की आभा आईडी बनवाने तथा तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीकरण कराते हुए एपीएएआर आईडी बनाने की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरी करने को कहा। महिला पर्यवेक्षिकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बिजली की उपलब्धता से संबंधित जानकारी पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया।

अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी भेजने में तेजी लाने का निर्देश

जिले में चिह्नित अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में रेफर करने और भर्ती कराने की स्थिति की समीक्षा के दौरान सामने आया कि पिछले माह आईसीडीएस के माध्यम से केवल 19 बच्चों को ही एनआरसी रेफर किया गया। डीएम ने इसे काफी कम बताते हुए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को रेफरल प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए तैयार नहीं होते हैं, उनके परिवारों को समुदाय स्तर पर लगातार परामर्श दिया जाए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके।

बैठक में आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वंदना पांडेय, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल और विद्युत विभाग के अधिकारी, जिला समन्वयक मो. मंजूर आलम, पोषण अभियान से जुड़े कर्मी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, प्रखंड समन्वयक तथा अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।


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