google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

हिंदू-मुस्लिम एकता और भाई-चारा की मिशाल बना उर्स शरीफ

ककराई वाले सैयद बाबा के उर्स में उमड़ा भाई चारा का प्रेम,
सुशील कुमार ब्यूरो चीफ दैनिक समाज जागरण इटावा
भरथना,इटावा। भरथना कस्बा के इटावा रोड स्थित ग्राम नगला खरगजीत के समीप स्थापित हजरत बाबा अल्तमश शाह सेहराई ककराई वाले सैयद बाबा के दो दिवसीय उर्स शरीफ में हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाई-चारा का अदभुद प्रेम देखने को मिला।
ककराई वाले सैयद बाबा के उर्स शरीफ के अंतिम दिन भव्य मेला को देखने और बाबा की जियारत करने के लिए जहां मुस्लिम महिला- पुरुष,युवा-युवतियां,बच्चे- बुजुर्ग बड़ी संख्या में पहुंचे वहीं आस पास कई दर्जन हिंदू गांवों के सैकड़ो हिंदू महिला-पुरुष,युवा-युवतियां, बच्चे-बुजुर्गो ने बाबा की दरगाह पर चादरपोसी कर माथा टेका और प्रसाद चढ़ा कर आशीर्वाद लिया।
वहीं बच्चों ने भी मेला में जमकर चाट पकौड़ी कोल्ड्रिंग शरवत का लुफ्त उठाया,साथ ही दरगाह शरीफ पर देखा गया कि एक ही मजार पर हिंदू मुस्लिम दोनो धर्मो के लोग बाबा की इबादत कर रहे थे और एक दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दे रहे थे।
यहां आपको यह भी बताना18 जरूरी है कि ककराई वाले सैयद बाबा की यह मजार आस-पास हिंदू भाइयों के गांवों के बीच घिरी है,जिसके कारण मुस्लिम भाइयों से अधिक यहां के ग्रामीण बाबा के जबरदस्त भक्त और आस्थावान हैं जोकि बाबा की खिदमद में हमेशा लगे रहते हैं यही कारण है कि बाबा के सालाना उर्स शरीफ पर लगने वाले मेला की व्यवस्था ज्यादा तर हिंदू भाई ही देखते हैं। जिसके कारण बाबा की दरगाह हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाई-चारा का प्रतीक बनी हुई है।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)