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*रीता कुमारी, ब्यूरो चीफ, दैनिक समाज जागरण*
*नवादा (बिहार)।* जिले के उग्रवाद प्रभावित रजौली के जंगलों में काम करनेवाले वनकर्मियों ने गुरुवार को वन विभाग के कार्यालय में तालाबंदी कर आक्रोश का इजहार किया। वनकर्मियों का आरोप है कि पिछले 17 महीने से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति आ गयी है। इस बाबत सम्बंधित अधिकारियों से कई बार आग्रह के बाद भी जब वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो गुस्से में वनकर्मियों ने अपने ही विभाग के कार्यालय में तालाबंदी कर धरना पर बैठ गये।
बताया गया की रजौली वन प्रक्षेत्र के वाइल्डलाइफ एरिया में बतौर मेहनताना दस हजार रुपये प्रतिमाह पर काम करनेवाले कुल 18 केयरटेकर एवं चेक नाका गार्ड को 17 महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। वेतन की मांग करने पर काम छोड़ने को कहा जाता है। आक्रोशित कर्मियों ने गुरुवार को रजौली स्थित वन विभाग के कार्यालय में तालाबंदी कर दी और कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गये हैं। वन विभाग के दोनों मुख्य द्वार पर ताला लगा दिये जाने के कारण वन विभाग के अधिकारियों को अंदर ही रहना पड़ रहा है। प्रभारी वन क्षेत्र पदाधिकारी प्रदीप रजक आक्रोशित वनकर्मियों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वेतन भुगतान से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। सहायक वन क्षेत्र पदाधिकारी के मुताबिक आन्दोलनकारियों का वेतन से सम्बंधित आवेदन जिला वन पदाधिकारी को भेजा जायेगा। वेतन का भुगतान उन्हीं के स्तर से किया जाना है।
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