वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
05 जून। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय परिसर, किशनगंज में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की।
कार्यक्रम का नेतृत्व नवपदस्थापित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज नम्रता तिवारी ने किया। उन्होंने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है।

अपने संबोधन में नम्रता तिवारी ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं। वे न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होंगे। यदि हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय अभय श्रीवास्तव, पीठासीन पदाधिकारी, विशेष उत्पाद न्यायालय द्वितीय सुमित कुमार सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ओम शंकर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुक्तेश मनोहर सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने भी वृक्षारोपण किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया। न्यायालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



