महिलाओं ने सीखा दाल मिल एवं पौध शाला की बारीकियां
कृषि विज्ञान केंद्र एवं विकास संवाद का संयुक्त प्रयास
उमरिया, भारत सरकार के विकसित भारत कार्यक्रम के तहत 100 दिन की कार्ययोजना के परिपालन में उमरिया जिले के ग्राम डोंगरगवां में स्वरोजगार स्थापित कर व्यक्तिगत या समूह के माध्यम से लाभ अर्जन हेतु, फल,सब्जी उन्नत पौध नर्सरी एवं लघु धान्य व दलहन फसलों की प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का प्रयाश किया गया । उक्त कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया एवं जिले के आकाश कोट मे कार्य कर रही सामाजिक संस्था विकास संवाद समिति के संयुक्त तत्वावधान में प्राकृतिक कृषि किसान खेत पाठ शाला डोंगरगवां में 1 से 5 अगस्त एवं 23 से 27 सितंबर को दो चरणों मे आयोजित किया गया। उक्त प्रशिक्षण में 50 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए ।
कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया के इस अभिनव पहल से फल सब्जी के उन्नत नर्सरी स्थापना के तहत पौध शाला निर्माण में आम, नीबू, अमरूद के कलमी पौधे ग्रामीण युवक एवं युवती स्वयं करेंगे । प्रशिक्षित किसान स्वयं की अवश्यताओं की पूर्ती कर आस पास के गांवों की जरूरत की भी पूर्ती करेंगे । इसके साथ ही लघु धान्य (मोटे अनाज) कोदो , कुटकी एवं रागी का प्रसंस्करण कर आय अर्जित करने के संभावनाओं पर चर्चा किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया एवं विकास संवाद के संयुक्त प्रयास से ग्राम डोंगरगवां में महिलाओं को प्रशिक्षित कर मिनी दाल मिल संचालित कर स्थानीय आजीविका को मजबूत किया जा रहा है।
उक्त प्रशिक्षण को कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया के प्रमुख एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. के पी तिवारी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनीता सिंह, कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनञ्जय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता फूल बाई सिंह ने संबोधित किया । कार्यक्रम को सफल बनाने में शशी सिंह, संतोषी सिंह, बेबी सिंह, दुइजी बाई, शुशीला बाई, छोटी बाई, सुरेशबाई का विशेष योगदान रहा । प्रशिक्षण का सफल संचालन विकास संवाद की साथी नगीना सिंह ने किया ।
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