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जहां सत्संग और कथा होती है वहां भक्ति विराजमान होती है-फलाहारी बाबा

बिकास राय ब्यूरो चीफ गाजीपुर
दैनिक समाज जागरण

गाजीपुर जनपद के बाराचवर में शिव मंदिर के पास अमृत सरोवर के किनारे पर आयोजित ग्यारह दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या नगरी से पधारे मानस मर्मज्ञ भागवत वेत्ता श्री श्री १००८ महामण्डलेश्वर श्री शिवराम दास जी उपाख्य फलाहारी बाबा ने अपने मुखारविंद से ज्ञान और वैराग्य की कथा मृत की वारिश करते हुए उपस्थित श्रोताओं से कहा की शरीरमाद्मं खलु धर्म साधनं।
मानव शरीर धर्म का पहला और उत्तम साधन है जिसको धारण किया जाए वही धर्म है धर्म का अर्थ उचित और न्याय संगत कार्य करना होता है।मनुष्य योनि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन है जहां से स्वर्ग और नरक दोनों जगह की ट्रेन मिलती है।आत्मदेव और धुंधकारी की कथा सुनाते हुए बाबा ने कहा कि हमारे शरीर में आत्मा ही आत्मदेव है। जो सत्य भाषण करती है। किसी भी गलत कार्य करने के लिए यदि कदम उठता है तो आत्मा उसको रोकती है। परंतु इंद्रियों के बस में होकर मनुष्य गलत कार्य करता है। आत्मदेव के पत्नी का नाम धुंधली यानी बुद्धि है।बुद्धि आत्मा को धोखा देती है। समस्त पाप के बाप का नाम लोभ है ।लोभ से ही सारे पाप जन्म लेते हैं। ऋतेन ज्ञानान्मुक्ति: ज्ञान वही है जो जीव को मुक्त कर दे ज्ञान यदि व्यवहार में नहीं दिखाई देता है तो वह पूर्ण नहीं माना जाता है। बुद्धि का संयोग जब सत्संग से होता है तो विवेक रूपी पुत्र पैदा होता है ,जो सही और गलत का निर्णय करता है। जिससे भविष्य उज्जवल होता है।फलाहारी बाबा ने कहा की दरिद्र क्षयरोगी और मोक्ष की कामना वाले व्यक्ति को श्रीमद् भागवत कथा अवश्य सुनना चाहिए। परीक्षित को मात्र 7 दिन की कथा ही मोक्ष का अधिकारी बना दी।

मृत्यु से निर्भय हो गए। जहां सत्संग और कथा होती है वहां भक्ति विराजमान होती है। जहां भक्ति होती है वहां सारे तीर्थ होते हैं। और जहां सारे तीर्थ होते हैं वहां भगवान को भी आने पर भी विवस हो जाना पड़ता है। सनक सनंदन सनातन सनत कुमार के कथा में भक्ति सारे तीरथ और भगवान स्वयं चल कर आए। जो भी सत्संग और कथा सुनता है उसके मन पर भक्ति और हृदय में भगवान प्रत्यक्ष विराजमान होते हैं। सुप्रसिद्ध गायक रिंकू रसिया के भजनों पर उपस्थित श्रोता झूमने पर विवश हो गये।व्यास पूजन का कार्य बालक दास महाराज के द्वारा सम्पन्न कराया गया। कथा में यशवंत सिंह, चन्द्र भूषण मिश्रा, देवेन्द्र कुमार सिंह,दीपक सिंह एडवोकेट, संजय पाण्डेय, दयानंद कुशवाहा,सबलू शर्मा, मुकेश गिरी, गौतम सिंह, सियाराम शरण सिंह, मनीष सिंह,गुलाब कमलापुरी,राम बचन गुप्ता,मोनू शर्मा सोनू सिंह, सुनील कुमार अयोध्या,समेत ढेर सारे श्रोता उपस्थित रहे।


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