दैनिक समाज जागरण, संवाददाता, बिकाश ठाकुर
ईचागढ़-सरायकेला-खरसवॉं जिला के कुकडु प्रखंड क्षेत्र में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन जंगली हाथियों ने उपद्रव मचाते हुए घर,अनाज व खेतों में लगे फसलों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। जान माल की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण काफी परेशान हैं। क्षेत्र के विभिन्न जंगलों में हाथियों का झुंड डेरा जमाए हुए हैं। वहीं मंगलवार की अहले सुबह करीब ढाई बजे तिरुलडीह व सापारूम में फीर एक बार जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने तिरूलडीह के कमल कोईरी व बानु कोईरी का घरों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया वहीं घर में रखे चावल व धानों को अपना निवाला बनाया। वहीं सापारूम में शोभा महतो व संतोष महतो का घरों को काफी क्षतिग्रस्त कर अनाजों को चट कर गया। ग्रामीण मोहन कोईरी ने जानकारी देते हुए बताया कि क़रीब रात के 2 ढाई बजे तिरूलडीह उत्तर केविन के समीप में जंगली हाथियों का झुंड खुलेआम विवहारण कर रहे है इसी क्रम में एक जंगली हाथी गांव घुस कर कई घरों को तोड़फोड़ करते हुई क्षतिग्रस्त कर दिया एवं घर के अनाजो को खा गया। एक महीने के अंदर कुमारी, झापागोड़ा, दयापुर , तिरूलडीह आदि गांवों में करीब डेढ़ दर्जन घरों को हाथीयों ने तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया है।लगातार क्षेत्र में हाथियों के आतंक से डर का माहौल बना हुआ है इस तरह से कब तक गाँव वाले अपना जीवन-ज्वापन करेंगे, कब तक हथियो के आतंग से डर कर छिप कर रहेंगे, यहाँ के जानता हथियो के आतंक से परेशान हो चुके हैं । ग्रामीणों का सरकार से मांग है कि हाथियों का स्थाई समाधान किया जाय , ताकि हाथी से आदमी और आदमी से हाथी सुरक्षित रह सके।
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