दैनिक समाज ब्यूरो चीफ जामताड़ा गौतम ठाकुर।
मुख्यमंत्री पशुधन योजना के माध्यम से स्वावलंबी हो रहीं महिलाएं; लाधना में आयोजित विशेष शिविर में एक साथ 76 लाभुकों को मिला बत्तख चूज़ा वितरण योजना का लाभ
हम जैसे गृहिणी के लिए यह बत्तख पालन एक अच्छा आय का साधन बनेगा – लाभुक
मुख्यमंत्री पशुधन योजना, झारखंड सरकार का महत्वाकांक्षी योजना जो आज झारखंड के पशुपालकों के लिए जीविकोपार्जन के क्षेत्र में उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
आजीविका के क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र के लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन प्रयत्नशील है। इसी कड़ी में सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में स्टॉल के माध्यम से लोगों को ना सिर्फ योजना की जानकारी वरन उससे आच्छादित भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत का लाभ जामताड़ा प्रखंड के लादना पंचायत में आयोजित शिविर में पशुधन योजना के बत्तख चूज़ा के लिए प्राप्त 76 आवेदनों में एक साथ 76 महिला लाभुकों के बीच जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के द्वारा एक एक यूनिट बत्तख चूजा का वितरण किया गया। एक यूनिट में 15 बत्तख का चूजा होता है। जिसमें एक यूनिट का कुल लागत 1700 रुपए है, इसका 90 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
बत्तख चुजा मिलने के उपरांत महिला लाभुकों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि बत्तख चूजा लगभग 3 महीने बाद अंडा देना शुरू कर देता है। एक बत्तख पूरे साल में लगभग 280 से 300 अंडे देता है, जिसमे एक अंडे की कीमत 10 रुपए है। सभी ने कहा हम जैसे गृहिणी के लिए यह बत्तख पालन एक अच्छा आय का साधन बनेगा। इससे होने वाले आय से हम अपना और परिवार का बेहतर ख्याल रख पायेंगे। सभी ने इसके लिए सरकार का बहुत बहुत धन्यवाद दिया।
वास्तव में सरकार का लक्ष्य है राज्य में दूध, अंडा, मांस के उत्पादन में वृद्धि लाकर राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे में महिलाएं आगे बढ़कर सरकार के इस योजना के माध्यम से स्वावलंबी हो रहीं है और ये योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति, असहाय विधवा औरतों, दिव्यांग निःसंतान दंपत्ति जिनकी उम्र कम से कम 50 वर्ष हो, उन्हें 90 प्रतिशत अनुदान पर 15 चूज़ा प्रति लाभुक दिया जाता है वहीं अन्य सभी वर्ग के लाभुकों में 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।