महिला, पुरुष, युवती, युवाओं, कावरियां आदि भक्तों के जयकारे से गूंज उठा शिवालय।बेलपत्र, धतूरा, मंदार, दूध, दही, शहद, भांग, मिष्ठान आदि से भक्तों ने विधि विधान से किया जलाभिषेक।
सुबह से लेकर दोपहर तक लगा रहा भक्तों का मेला, एहतियात के लिए कोतवाली देहात क्षेत्र की पुलिस रही मुस्तैद।
जलाभिषेक करने में शिवलिंग के गर्भगृह में रहकर महिला पुलिस कर्मी कर रही थी सहयोग।
बाबा देवघाट महादेवन धाम के महंत पुजारी बाबा गोरे लाल गिरी व्यवस्था में रहे मौजूद।मान्यता है की बाबा देवघाट महादेवन धाम है एतिहासिक, प्रभु श्रीराम वन गमन के दौरान की थी शिवलिंग की स्थापना।सई नदी के तट से लगभग तीस फिट ऊंचाई पर है यह बालू से बना एतिहासिक शिवलिंग।
पूरे भारत में बालू से बना यह पहला शिवलिंग बताया जाता है, इसके अतरिक्त अन्य दूजा नहीं है बालू से बना भोलेनाथ का शिवलिंग।
गुसाइयों के अंतर्कलह एवं राजनीतिक उपेक्षा के चलते यह एतिहासिक धाम आज भी उपेक्षित है लेकिन भक्तों की भीड़ हमेशा देखी जा सकती है ।
इतना ही नहीं पूरे जनपद के शिवालयों में भक्तों ने आज पूजा अर्चना की।वह चाहे लालगंज तहसील का घुइसर नाथ मंदिर हो या कुंडा का हौदेश्वरनाथ जैसा प्रतिष्ठित पौराणिक मंदिर हो ।
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