सीतामढ़ी। जिले के 53 वां स्थापना दिवस समारोह का विधिवत उद्घाटन आज 11 दिसंबर को 11:30 बजे से डुमरा हवाई अड्डा मैदान में किया जाएगा। कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन सीतामढ़ी के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्थापना दिवस का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय जिला स्थापना दिवस समारोह का आगाज आज उर्दू कार्यशाला फरोग–ए उर्दू सेमिनार व मुशायरा के आयोजन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुवाद पदाधिकारी (उर्दू) शफी अहमद ने की जबकि मंच संचालन प्रो मसूद आलम उर्फ गौहर सिद्दीकी ने किए।उर्दू भाषा कोषांग के तत्वावधान में उर्दू, कार्यशाला के साथ ही फरोग-ए- उर्दू सेमिनार, मुशायरा सह कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उदघाटन एसपी मनोज कुमार तिवारी, अपर समाहर्ता कुमार धनंजय, डीएसपी मुख्यालय मो नजीब अनवर,जिला औकाफ़ कमिटी के चेयरमैन गुलाम मुस्तफा उर्फ गौहर समी,शफीक खान ने दीप प्रज्वलित कर किए। एसपी मनोज कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी गंगा जमुना तहज़ीब बड़ी पुरानी है और इसका मिशाल अनोखा है। भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित सीतामढ़ी के लोग बड़े प्यारे हैं। मैं यहां दो साल से हूं। यहां के लोग एक दुसरे के दुख सुख में हमेशा समर्पित रहते हैं। मैं आप लोगों के साथ अनुवाद पदाधिकारी उर्दू शफी अहमद को एक सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देता हूं जिसमें जिले के नामचीन और मकबूल शायरों:– मो जफर हबीबा, एम आर चिश्ती, प्रीति सुमन, पंकज करण, अबू नसर अफजल, हेमा सिंह, मो नसीम अख्तर उर्फ फरहत साबरी, चांदनी समर, अजहर दिलकश, वसीम रजा,तारिक अनवर ने अपने शेर,गजलों और नज्मों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। तत्पश्चात कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सातीया नजमी, सादिया रिज़वी, मो अली हुसैन एवं सफ़क़ रहमान ने अपनी अपनी नज़्म एवं गज़ल पेश की।इस मौके पर गोयनका कॉलेज के प्रो डा मो सनाउल्लाह, उर्दू अदीब, साहित्यकार, शिक्षक मो कमर आलम उर्फ कमर मिस्बाही, मो अलाउद्दीन रिज़वी ,मो. जसीमुद्दीन कासमी, मो. जमील अख्तर शफीक, मदरसा रहमानिया मेहसौल के पूर्व अध्यक्ष मो अरमान अली, मौलाना जियाउर रहमान कासमी,परवेज अंसारी, मौलाना मो मोतीउर रहमान, मौलाना सैफुल्लाह, मो तनवीर शम्सी, कारी मुश्ताक, शाहिद मजहरी, मो तबरेज आलम, तमीम अख्तर, मो मजहर अली राजा,मो बहाउद्दीन, मो इकबाल आलम, मो इलियास, सैयद नसर अहमद,राशिद फहमी, इकरामुल हक, तालिब हुसैन आजाद, मो शोएब, मौलाना सोहराब, फहाफिज मो मोबीन समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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