
दैनिक समाज जागरण ,सत्य प्रकाश नारायण जिला संवाददात्ता / धनंजय कुमार विधि संवाददात्ता औरंगाबाद (बिहार) का विशेष रिपोर्ट ,
औरंगाबाद (बिहार) 5 नवंबर 2022:- व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के अधिवक्ता संजय कुमार शर्मा का आकस्मिक निधन के पश्चात शोक सभा में हो रहे विलंब को लेकर व्यवहार न्यायालय के अन्य अधिवक्ता भड़के और शोक सभा का आयोजन की विरोध करने वाले अधिवक्ताओं को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा ,अधिवक्ताओं के साथ दोहरी नीति नहीं चलेंगे और जाति आधार पर शोक सभा की आयोजन एवं बंदी नहीं होगा । सभी अधिवक्ता एक समान है, सभी के लिए एक तरह का व्यवस्था होगा, किसी के साथ किसी को भेदभाव करने का कोई अधिकार नहीं है।
बतातें चलें कि अधिवक्ता के निधन पर व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद का सारे कार्य बंद कर दिया जाता है और अधिवक्ता का निधन की सूचना मिलते ही कार्य अवधि में शोक सभा का आयोजन किया जाता है और सारे अधिवक्ता व्यवहार न्यायालय में अपने कार्य को बंद कर देते हैं । संजय कुमार शर्मा के आकस्मिक निधन पर अधिवक्ता के अनुसार लगभग 90% अधिवक्ता शोक सभा के पक्ष में थे,लेकिन कुछ अधिवक्ताओं के द्वारा शोक सभा के नाम पर विरोध जताया जा रहा था।जिसको लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश देखा गया । अधिवक्ताओं का आरोप है कि जातीय आधार पर शोक सभा का आयोजन किया जाता है और पूरे दिन व्यवहार न्यायालय के कार्य को बंद कर दिया जाता है ,वही दुसरे. अधिवक्ताओं के निधन पर शोक सभा में काफी विलंब किया जाता है और कहा जाता है कि यह रेगुलर नहीं है इनके लिए शोक सभा नहीं होगा होगा , कुछ अधिवक्ताओं द्वारा तय किया जाता है कि इनके शोकसभा होगा और इनके नहीं होगा जो बहुत दुख की विषय है ऐसी परिपाटी को हम सभी विरोध करते हैं।
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