
पंचनद के तत्वावधान में सीएम मनोहर लाल के मार्गदर्शन में होगा विशाल कार्यक्रम
लाल किले के प्राचीर से पीएम मोदी ने की थी हुतात्मा पूर्वजों की याद में इस दिवस को मनाने की घोषणा
पंचनद की सभी इकाइयों से कार्यक्रम को सफल बनाने का स्वामी धर्मदेव ने किया आह्वान
हिसार (राजेश सलूजा) : गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2021 को लालकिले की प्राचीर से घोषणा की थी कि देश विभाजन के समय जो भयंकर विभीषिका(त्रासदी) हुई थी, जिसमें लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया था। वह घटना जब याद आती है तो हृदय चीत्कार कर उठता है। इसलिए प्रतिवर्ष इस स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले 14 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर उन हुतात्माओं की स्मृति में समूचे देश में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जायेगा। इस घोषणा का पंचनद स्मारक ट्रस्ट के बैनर तले पंचनद परिवार ने जोरदार अभिनन्दन किया था। अब प्रधानमंत्री की इसी घोषणा को गति देने के लिए पंचनद स्मारक ट्रस्ट द्वारा आगामी 14 अगस्त को कुरुक्षेत्र में विभाजन विभीषिका दिवस पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। यह जानकारी पंचनद स्मारक ट्रस्ट के आजीवन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आश्रम हरमिंदिर पटौदी के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव ने यहां जारी विज्ञप्ति में दी। स्वामी धर्मदेव ने बताया कि यह अतीत में उठी पंचनद की आवाज़ ही थी जिसे भारत के किसी प्रधानमंत्री ने पहली बार याद किया है और वह भी केवल याद ही नहीं किया बल्कि भारत में मनाया जाने वाला सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर उनकी याद में प्रतिवर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषका स्मृति दिवस मनाने की भी घोषणा की। उन्होने बताया कि अपने हुतात्मा पूर्वजों की याद में इस दिवस को पंचनद स्मारक ट्रस्ट के तत्वावधान में सीएम मनोहरलाल की उपस्थिति व पंचनद हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष थानेसर के विधायक सुभाष सुधा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया है। स्वामी धर्मदेव ने बताया कि कुरुक्षेत्र में होने वाला कार्यक्रम भव्य और विशाल हो, इसके लिए पंचनद स्मारक ट्रस्ट की देशभर में फैली सभी ईकाईयों को निर्देश भी दिये गये हैं। उन्होनें कहा कि पंचनद की सभी स्थानीय, प्रदेश, महिला व युवा ईकाईयों को शीघ्र अपनी बैठकें कर कार्यक्रम में अधिक से अधिक उपस्थिति हेतु विचार विमर्श करने के लिए कहा गया है। स्वामी धर्मदेव ने सभी ईकाई प्रमुखों व पदाधिकारियों से आह्वान किया है कि कार्यक्रम के आयोजन हेतु समय बहुत कम है और लक्ष्य बहुत बड़ा है। सभी अपनी-अपनी योग्यता, सामर्थ्य, समय,सम्बन्धों को ध्यान में रखते हुये कार्य में जुटकर इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम को सफल बनाने में भागीदारी करें।