

*अखिलेश सिंह /रामेंद्र सैनी*
कछौना, हरदोई। विकास खण्ड कछौना के ग्राम सभा गढ़ी कमालपुर के ग्राम गढ़ी में स्थित काफी पुराने जर्जर पंचायत घर में आंगनवाड़ी केंद्र संचालित है। जर्जर भवन में नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने को विवश है। नौनिहाल का जीवन खतरे में है।
बताते चलें एक तरफ सरकार नौनिहालों के पोषण व सर्वांगीण विकास को बेहतर भविष्य के लिए सतत प्रयासरत हैं। वही विकास खण्ड कछौना की ग्राम सभा गढ़ी कमालपुर के ग्राम गढ़ी में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र में नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने को विवश है। यह आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम गढ़ी में स्थित जर्जर पंचायत घर में संचालित है। यह भवन 1957 में बना था, जो वर्तमान समय में काफी जर्जर हो गया है। दीवारें दरक गई है। दरवाजे पल्ले उखड़ चुके हैं। जगह जगह प्लास्टर भी उखड़ चुका है। केंद्र बंद होने के बाद परिसर व कमरों में जानवर बैठते हैं। जिससे आंगनवाड़ी केंद्र में गोबर पड़ा होने के कारण गंदगी का अंबार है। बरसात के समय छत से पानी टपकता है। बरसात के समय आंगनबाड़ी केंद्र बंद करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार की लेकिन विभागीय अधिकारी खाना पूर्ती करते हुए गलत रिपोर्ट लगाकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली हैं। ग्राम विकास अधिकारी ने जनसुनवाई संख्या 40015522002912 की आख्या रिपोर्ट में गलत रिपोर्ट लगाते हुए बताया सचिवालय की छत काफी जर्जर है, इसलिए जीर्णोद्धार कराना संभव नहीं है। उक्त भवन में कोई आंगनवाड़ी केंद्र नहीं चल रहा है। केंद्र प्राथमिक विद्यालय में संचालित होने की बात कही। ऐसे गलत रिपोर्ट लगाकर सच्चाई पर पर्दा डालने का कार्य किया, जो सीधे तौर पर अपराधिक कार्य है। बच्चों को जानबूझकर खतरे में डाले हुए है। शायद गरीब परिवार के बच्चे होने के कारण उनकी स्थिति में अव्यवस्था व दुर्दशा है। विभागीय अधिकारी कोई अनहोनी घटना का इंतजार कर रहे हैं। तभी शायद उनका कर्तव्य बोध जागृत हो। पूरे मामले की जागरूक नागरिकों ने सचिव और जिलाधिकारी से शिकायत की है।
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