समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी किसी भी कार्यक्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्ययोजना बनाना सबसे जरूरी होता है जिससे कार्य की प्रगति तय हो जाती है। उक्त बातें उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में चल रहे मॉडल सीएलएफ ऐनुअल ऐक्शन प्लान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने व्यक्त की। इस अवसर पर जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठन और अपने संकुल समिति (सीएलएफ) को कैसे सक्षम, सशक्त और आत्मनिर्भर सीएलएफ हम बना सकते हैं उसकी कार्ययोजना बनाने के सम्बंध में सीखा उसका अनुपालन अपने संकुल समिति में जाकर अवश्य करें तभी आपके प्रशिक्षण की सार्थकता है। प्रशिक्षक डीआरपी अब्दुल वली खान एवं वाईपी अभय कुमार गुप्ता द्वारा प्रतिभागियों को संगठन की प्रोफाइल तैयार करना, आंकड़े एकत्रित करना, समस्याओं की पहचान करना आदि के बारे में फार्मेट भरवाया गया। अध्ययन भ्रमण के लिए कोरउत पंचायत भवन पर व्यवहारिक तौर पर ग्राम संगठन के बीच बैठकर वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों से कार्ययोजना बनाने को लेकर अभ्यास कराया गया और ग्रुपवार प्रतिभागियों ने वार्षिक कार्ययोजना बनाने को लेकर प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशिक्षक संजय कुमार, सत्र प्रभारी सुरेश तिवारी, अमरनाथ द्विवेदी, सुरेश पाण्डेय, नीरज कुमार, सोनी देवी, मंजू, लालती, अंजू देवी, सिंप्पी सिंह, चंदा देवी, गूंजा, नीलम पटेल, कुसुम, रेखा देवी सहित वाराणसी जनपद के विकास खण्ड आराजीलाईन से जागृति संकुल प्रेरणा समिति की 55 दीदियों की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम सत्र में जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह द्वारा सभी प्रतिभागियों को सार्टिफेकेट व ग्रुप फोटोग्राफ देकर प्रशिक्षण का समापन किया गया।
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