पटना में दहेज और बेटी के जन्म पर प्रताड़ना का आरोप

महिला आयोग पहुंची पीड़िता

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ ऑनलाइन वैवाहिक मंच के जरिए जुड़कर घर बसाने का सपना देख रही एक महिला के लिए शादी दुस्वप्न साबित हुई। पीरबहोर थाना क्षेत्र का यह पारिवारिक विवाद अब बिहार राज्य महिला आयोग की दहलीज पर पहुंच गया है। पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर 25 लाख रुपये दहेज की मांग और बेटी के जन्म के बाद घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, शादी के कुछ महीनों बाद ही पति, सास और ससुर ने उसे मायके से 25 लाख रुपये लाने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि गर्भवती होने पर उन लोगों ने उस पर भ्रूण लिंग जांच कराने का अनैतिक दबाव भी बनाया।

मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और बुनियादी खर्च तक रोक दिए गए। सितंबर 2025 में बेटी को जन्म देने के बाद जब वह ससुराल पहुंची, तो उसे घर में घुसने तक नहीं दिया गया। दूसरी ओर, पति ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उसका कहना है कि पत्नी संयुक्त परिवार में रहने को तैयार नहीं थी और अक्सर बिना बताए मायके चली जाती थी। पति का आरोप है कि पत्नी संपत्ति में हिस्सा लेकर अलग रहने का दबाव बना रही है और उसके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रोफेसर अप्सरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह आपसी सामंजस्य की कमी का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने बताया की आयोग की प्राथमिकता परिवार को टूटने से बचाना और सुलह कराना है। पीड़िता ने भी पति के साथ रहने की इच्छा जताई है।अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को बुलाकर मध्यस्थता के जरिए समाधान निकाला जाएगा।


यह मामला आधुनिक दौर में ऑनलाइन विवाहों के बाद उपजी सामाजिक चुनौतियों और आपसी विश्वास की कमी को उजागर करता है। फिलहाल पीड़िता अपने मायके में रहकर न्याय की गुहार लगा रही है।

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