
सुपौल की बेटी अंशु मलेशिया में दिखाएगी अपनी प्रतिभा,एशिया रग्बी अंडर-18 चैंपियनशिप 2024 में अंशु का हुआ है चयन
28-29 सितंबर को मलेशिया के जोहोर में है प्रतियोगिता
छातापुर ।
सुपौल की अंशु, जो पिपरा प्रखंड के निर्मली पंचायत के वार्ड 01 की निवासी हैं, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने जा रही हैं। 28-29 सितंबर को मलेशिया के जोहोर में आयोजित एशिया रग्बी अंडर-18 चैंपियनशिप 2024 में अंशु का चयन हुआ है।
यह अंशु का दूसरा अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। इससे पहले, उन्होंने 2023 में चीन में हुए विश्व जूनियर रग्बी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सिल्वर मेडल जीता था, जिससे वह जिले की पहली अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतने वाली खिलाड़ी बनीं। विंगर की पोजिशन से खेलने वाली अंशु ने अपने खेल से ना केवल देश का बल्कि अपने जिले का नाम भी रोशन किया है।
अंशु के पिता, पवन कुमार साह, एक साधारण मिठाई की दुकान चलाते हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष ने अंशु को प्रेरित किया है। अंशु की मां, रेखा देवी, अपनी बेटी की सफलता पर गर्वित हैं और उनकी आँखें खुशी से भर जाती हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी अंशु ने जापान में अपने खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रौशन किया है। रेखा देवी को उम्मीद है कि इस बार अंशु पहले से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
जिला रग्बी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष शारदानंद झा ने अंशु के इस उपलब्धि पर खुशी जताई और बताया कि अंशु ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते स्टेट कैंप के लिए भी चयनित हुई थीं।
इस बीच, पनोरमा ग्रुप के प्रबंध निदेशक सह वरीय समाजसेवी संजीव मिश्रा ने फोन कर अंशु को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंशु की मेहनत और काबिलियत से सुपौल जिले का मान पूरे देश में बढ़ रहा है। संजीव मिश्रा,समाजसेविका कविता मिश्रा और अन्य समाजसेवियों ने अंशु की उज्जवल भविष्य की कामना की।
अंशु ने बताया कि उन्हें बचपन से खेलों में रुचि थी। वह अपने पिता को गांव के मैदान पर क्रिकेट खेलते हुए देखती थीं, जिससे उन्हें खेलों में भाग लेने की प्रेरणा मिली। अंशु की मेहनत और समर्पण ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुँचाया है, और अब वह मलेशिया में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं।
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